सेंधवा में गणगौर पर्व की धूम, माता की बाड़ी खुली, श्रद्धालुओं में उत्साह, महिला मंडल ने निकाला भव्य बाना, पाती खेल आयोजन में झलकी परंपरा और आस्था
तीज पर पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुआ उत्सव, रथ यात्रा और धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी

सेंधवा में गणगौर पर्व पर माता की बाड़ी खुलने के साथ श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। पूजा-अर्चना और रथ यात्रा के साथ महिला मंडल ने भव्य बाना निकाला। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में परंपरागत आयोजनों के साथ धार्मिक माहौल बना हुआ है।
माता की बाड़ी खुलने के साथ शुरू हुआ आस्था का पर्व
सेंधवा शहर में गणगौर पर्व के अवसर पर कृष्ण पक्ष की तीज के दिन शनिवार को गणगौर माता की बाड़ी विधि-विधान के साथ खोली गई। राम बाजार और जोगवाड़ा रोड स्थित बाड़ियों में सुबह 5 बजे से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था। सबसे पहले माता स्वरूप ज्वारों का स्नान कराया गया, इसके बाद पूजा-अर्चना, नैवेद्य अर्पण और आरती की गई। अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन के द्वार खोले गए। सुबह 11 बजे तक पूजन का क्रम जारी रहा और मन्नतधारी श्रद्धालु ढोल-ताशों के साथ माता को रथों में विराजमान कर अपने घरों को ले गए।

रथ यात्रा, भजन-कीर्तन और परंपराओं का निर्वहन
माता को घर ले जाने के बाद श्रद्धालु विशेष पूजा-अर्चना और रात्रि जागरण करेंगे। अगले तीन दिनों तक शहर और आसपास क्षेत्रों में धार्मिक आयोजन, भजन-कीर्तन और मन्नतों का सिलसिला जारी रहेगा। राम बाजार में रथों को कुछ समय के लिए रोककर श्रद्धालु अपने घरों की ओर ले जाएंगे। वहीं धनोरा और चाचरिया क्षेत्र में भी गणगौर पर्व उत्साहपूर्वक मनाया गया, जहां श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
महिला मंडल ने निकाला आकर्षक बाना, पाती खेल बना आकर्षण
निमाड़ी गणगौर पर्व के तहत मांझी कहार समाज महिला मंडल द्वारा शुक्रवार शाम पाती खेलने का भव्य आयोजन किया गया। शुक्रवार शाम 5 बजे धर्मशाला से शुरू हुआ बाना शहर के विभिन्न मार्गों से होकर किला परिसर स्थित राजराजेश्वर मंदिर पहुंचा। इस दौरान महिलाओं ने दूल्हा-दुल्हन का रूप धारण कर पारंपरिक गीतों और भजनों के साथ नृत्य प्रस्तुत किया। मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक और विधि-विधान से पूजन किया गया।
महिला मंडल के अनुसार, समाज द्वारा पिछले 15 वर्षों से गणगौर माता के रथ को सामूहिक रूप से लाने और रथ बोड़ाने की परंपरा निभाई जा रही है। इस अवसर पर सामूहिक पूजन-अर्चन के साथ भंडारे का आयोजन भी किया जाता है। इस वर्ष पाती खेल आयोजन को विशेष रूप से भव्य स्वरूप दिया गया, जिससे पूरे शहर में उत्सव का माहौल बना रहा।



