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होलिका दहन के संशय का हुआ समाधान, सेंधवा में सोमवार को जलेगी होली

जनोदय पंच। सेंधवा । नगर में होलिका दहन को लेकर बनी तिथि एवं संचय की स्थिति अब स्पष्ट हो चुकी है। विद्वानों की सहमति के बाद सोमवार को नगर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धा एवं परंपरा के साथ होलिका दहन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

मोतीबाग चौक स्थित अति प्राचीन होली के संयोजक सुनील अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि मोतीबाग चौक की होली विगत 75 वर्षों से भी अधिक समय से निरंतर प्रज्वलित होती आ रही है। यह परंपरा नगर की आस्था और एकता का प्रतीक मानी जाती है।
उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी होलिका दहन सोमवार शाम ठीक 7रू30 बजे किया जाएगा। विशेष बात यह है कि पिछले लगभग 50 वर्षों से होलिका दहन का समय स्थायी रूप से शाम साढ़े 7 बजे ही रखा गया है और इसके लिए अलग से मुहूर्त नहीं देखा जाता। यह परंपरा सामाजिक विश्वास और निरंतरता का प्रतीक बन चुकी है।

परंपरा में बदलाव, पर्यावरण का ध्यान

पूर्व वर्षों में होलिका दहन के लिए गली-मोहल्लों से प्रत्येक घर से पांच लकड़ी एवं पांच कंडे (उपले) एकत्रित किए जाते थे। पूरे मोहल्ले के सहयोग से सामूहिक रूप से होलिका सजाई जाती थी, जो आपसी सौहार्द और सहभागिता का संदेश देती थी।
समय के साथ व्यवस्था में बदलाव आया है। अब पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लकड़ी का उपयोग कम कर कंडों से ही होली प्रज्वलित की जाती है। इस पहल से पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का संदेश भी दिया जा रहा है।

यातायात व्यवस्था में रहेगा अस्थायी परिवर्तन

होलिका दहन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुगम आयोजन के लिए मोतीबाग से निवाली रोड पहुंच मार्ग को कुछ समय के लिए बंद रखा जाएगा। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की गई है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति और सत्य की जीत की स्मृति में यह पर्व मनाया जाता है। नगरवासियों में इस वर्ष भी होलिका दहन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

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