सेंधवा में मारवाड़ी महिला संगठन ने निकाला गणगौर का बाना, सैकड़ों महिलाओं ने निभाई परंपरा
श्याम भवन से गणेश मंदिर तक निकली शोभायात्रा, महिलाओं ने गीतों और पारंपरिक रस्मों के साथ मनाया गणगौर पर्व

जनोदय पंच। सेंधवा में मारवाड़ी महिला संगठन द्वारा गणगौर पर्व पर पारंपरिक बाना निकाला गया। श्याम भवन से वसंत विहार कॉलोनी स्थित गणेश मंदिर तक आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया और गीत-संगीत के साथ उत्सव मनाते हुए सौभाग्य एवं परिवार की समृद्धि की कामना की।
परंपरागत उत्साह के साथ निकला गणगौर का बाना
सेंधवा। 11 मार्च 2026 की शाम मारवाड़ी महिला संगठन सेंधवा द्वारा श्याम भवन से होते हुए वसंत विहार कॉलोनी स्थित गणेश मंदिर तक गणगौर का बाना धूमधाम से निकाला गया। आयोजन में सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया और पारंपरिक गणगौर गीत गाते हुए झाला लेकर शोभायात्रा में शामिल हुईं। दूल्हा-दुल्हन की प्रतिमाओं के साथ गाजे-बाजे के बीच गणगौर पर्व उत्साहपूर्वक मनाया गया।


छह वर्षों से निभाई जा रही परंपरा
समिति द्वारा पिछले छह वर्षों से गणगौर का बाना धूमधाम से निकाला जा रहा है। इस दौरान महिलाएं पारंपरिक गीतों के साथ पर्व की रस्में निभाती हैं। कार्यक्रम में महिलाएं अपने पति का नाम मुहावरों और कहावतों के साथ लेकर पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करती हैं। इस अवसर पर महिलाएं अपने सौभाग्य और घर-गृहस्थी की समृद्धि की कामना करती हैं।

संगठन के पदाधिकारी और सदस्य रहे उपस्थित
आयोजन में संगठन के पदाधिकारी अध्यक्ष कृष्णा जोशी, सचिव अनुराधा सुधीर शर्मा, कोषाध्यक्ष शिखा मंगल तथा सभी कार्यकारिणी सदस्य और समिति की महिलाएं शामिल रहीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर गणगौर पर्व की पारंपरिक संस्कृति को जीवंत किया।

पर्वों से बढ़ती है सामाजिक समरसता
पदाधिकारियों ने बताया कि तीज और त्योहार मन में हर्ष, उल्लास और आनंद का संचार करते हैं। इनसे नकारात्मकता दूर होती है और परिवार, मित्रों तथा समाज में समरसता का भाव बढ़ता है। उन्होंने कहा कि पर्व मनाने के दौरान लोग अपने दुख-दर्द भूल जाते हैं और नई ऊर्जा का संचार होता है, जो आगामी त्योहार तक बना रहता है।




