धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर, मेरा गांव मेरी जिम्मेदारी यात्रा” का ऐतिहासिक शुभारंभ

सेंधवा। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के पावन अवसर पर खरगोन बड़वानी लोकसभा क्षेत्र के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता, पूर्व राज्य कर अधिकारी और पूर्व लोकसभा प्रत्याशी पोरलाल खर्ते द्वारा “मेरा गांव मेरी जिम्मेदारी यात्रा” का विधिवत शुभारंभ किया गया। यात्रा की शुरुआत खरगोन जिले के भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्र स्थित पवित्र एवं ऐतिहासिक बिजागढ़ वाले बाबा शिव मंदिर से हुई, जहाँ यात्रा संयोजक पोरलाल खर्ते का फूलमाला पहनाकर, नारियल भेंटकर और आशीर्वाद देकर स्वागत किया गया। महादेव भगवान के जयकारों और “न विधानसभा न लोकसभा, सबसे बड़ी ग्रामसभा” के नारों के साथ यात्रा की शुरुआत उत्साहपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुई।
शुभारंभ के बाद यात्रा दल जलालाबाद पहुंचा, जहाँ सरपंच बाटा सेनानी के निवास पर चायदृनाश्ता किया गया। इसके बाद यात्रा चाचरिया पहुँची और यहां भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पूजा-अर्चना कर यात्रा आगे बलखड़ के लिए रवाना हुई। इस दौरान जनपद उपाध्यक्ष सीताराम बर्डे, आदिवासी एकता परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल रावत, सरपंच बाटा सेनानी, परसराम सेनानी, संजय भादले, शांतिलाल डुडवे, जितेंद्र रावत, राजेंद्र अहिरे, महेंद्र सेनानी, राजेश सुल्या, अनिल जमरा सहित स्थानीय कार्यकर्ता और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
“मेरा गांव मेरी जिम्मेदारी यात्रा” का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समाज की वास्तविक समस्याओं को समझना, संवाद स्थापित करना और जनजागरण के माध्यम से उनके समाधान की दिशा में सार्थक पहल करना है। यात्रा के दौरान गांव-गांव जाकर शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का आकलन किया जाएगा। बच्चों की पढ़ाई, स्कूलों की स्थिति, शिक्षकों की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा की जाएगी, ताकि इन क्षेत्रों में सुधार के लिए व्यवहारिक सुझाव तैयार किए जा सकें।

किसानों और मजदूरों की समस्याएँ भी यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगी। खेती-किसानी की चुनौतियाँ, सिंचाई व्यवस्था, समर्थन मूल्य, मजदूरी, मनरेगा कार्यों की स्थिति और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के उपायों पर विशेष संवाद किया जाएगा। महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्व-सहायता समूहों की भूमिका और उनके सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता दी जाएगी।
युवा वर्ग के रोजगार, कौशल विकास और पलायन की समस्या पर भी यात्रा केंद्रित रहेगी। युवाओं को स्थानीय रोजगार, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और स्व-रोजगार योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही नशामुक्ति अभियान, पर्यावरण संरक्षण, जल प्रबंधन, वृक्षारोपण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर जागरूकता फैलाई जाएगी। ग्रामीणों को संवैधानिक अधिकारों, सरकारी योजनाओं और ग्रामस्वराज की अवधारणा से भी परिचित कराया जाएगा।
यात्रा के पहले चरण में बड़वानी जिले की सेंधवा और पानसेमल विधानसभा के गांव शामिल किए गए हैं। पहला पड़ाव ग्राम बलखड़ रखा गया है, जहाँ 15 नवंबर 2025 की शाम 7 बजे भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाई जाएगी और यात्रा के उद्देश्य पर विस्तृत चर्चा होगी।
यह यात्रा किसी राजनीतिक अभियान का हिस्सा नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और जनभागीदारी का दीर्घकालिक कार्यक्रम है, जो वर्ष 2027 तक निरंतर जारी रहेगा। यात्रा में प्राप्त सुझावों को संकलित कर समय-समय पर उचित स्तर पर भोपाल में प्रस्तुत किया जाएगा।




