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सेंधवा: विश्व नवकार महामंत्र दिवस पर जैन समाज का सामूहिक जाप आयोजन, सेंधवा: जैन स्थानक में गूंजा नवकार मंत्र, विश्व शांति के लिए किया सामूहिक जाप

जामली आश्रम में संतों के विश्राम हेतु भूमि और भवन निर्माण का उल्लेख

जनोदय पंच। सेंधवा।  विश्व नवकार महामंत्र दिवस के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय जैन समाज एवं जैन अंतरराष्ट्रीय व्यापार संगठन द्वारा दिनांक 9 अप्रैल को प्रातः 8:30 बजे से 9:30 बजे तक विश्व कल्याणार्थ संपूर्ण विश्व में “महामंत्र नवकार” के सामुहिक जाप का आव्हान किया गया था, इस तारतम्य में सकल जैन संघ सेंधवा द्वारा जैन स्थानक में सामूहिक नवकार मंत्र जाप का आयोजन किया गया ।

नवकार जाप पुर्ण होने के पश्चात गायत्री शक्तिपीठ प्रमुख पंडित मेवालाल पाटीदार ने अपने उद्बबोधन में कहा कि नवकार मंत्र एक सार्वभौमिक मंत्र है जो स्वयंभू है इसमें गुणों की उपासना की गई है इसलिए इसके जाप एवं स्मरण से सकारात्मक ऊर्जा फैलती है । आपने कहा कि हमें जय जिनेंद्र शब्द से एक दुसरे को संबोधन करना चाहिए एवं अपने बच्चों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए क्योंकि जय जिनेंद्र अर्थात जिन्होंने अपनी इंद्रियों पर विजय प्राप्त कर ली है उनकी जय हो।

इसके पूर्व वर्धमान स्थानकवासी संघ के संरक्षक बी.एल. जैन ने कहा कि आज विश्व में चल रहे विभिन्न देशों के मध्य अहंकार की जो टकराहट है उससे हिंसा एवं युद्ध का वातावरण बन गया है जिसका बहुत बड़ा नुकसान हम सबको वर्तमान में उठाना पड़ रहा है और भविष्य में भी न जाने कितना बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा , इस विभिषिका को दृष्टिगत रखते हुए आध्यात्मिक एवं सकारात्मक ऊर्जा से सरोबार महामंत्र नवकार जाप का यह आयोजन जिसमें लाखों जैन एवं सनातनी बंधुओ ने एक समय पर मिलकर किया है यह निश्चित ही विश्व शांति हेतु सकारात्मक परिणाम देगा ।
‌इस अवसर पर वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ सेंधवा द्वारा जैन साधु साध्वी जो पैदल विचरण करते हैं उनके रुकने हेतु गायत्री शक्तिपीठ द्वारा जामली आश्रम में भूमि प्रदान की गई है जिस पर पुखराज जैन, संभाजीनगर के सहयोग से दो मंजिला भवन संत सतियों के विश्राम हेतु बनाया गया इस हेतु पंडित मेवालाल पाटीदार का सम्मान पत्र भेंट कर बहुमान किया गया ! अंत में आभार वर्धमान स्थानकवासी श्रावक संघ के अध्यक्ष तेजस शाह ने माना एवं कार्यक्रम का संचालन प्रेमचंद सुराणा ने करते हुए बताया कि नवकार मंत्र में किसी व्यक्ति विशेष का नहीं वरन ऐसी आत्माओं को नमस्कार किया गया है जो स्वयं की इंद्रियों पर विजय प्राप्त कर चुके है, जो अपने 8 कर्मो को जीत कर मोक्ष स्थान को प्राप्त कर चुके है और हमारे आचार्य और साधु संतों को जो त्याग और तप में अहिंसामय जीवन जीते हैं उनको नमस्कार किया गया है इसलिए यह नवकार मंत्र बहुत विशिष्ट है। इस अवसर पर अग्रवाल समाज प्रमुख कैलाश काका अग्रवाल, गिरधारी गोयल, रविंद्र सिंह मंडलोई, गिरवरदयाल शर्मा, राधेश्याम शर्मा, दीपक लालका, घेवरचंद बुरड़, अशोक सकलेचा, प्रकाश सुराणा, नंदलाल बुरड़, राजेंद्र कांकरिया, गिरीश लालका, योगेश पाटनी, परेश सेठिया, दिलीप झवर, दिलीप कानुनगो, के.सी. पालीवाल, नवरतन माहेश्वरी, लक्ष्मी शर्मा, विमला शर्मा, मीना गोयल, अंतिमबाला शर्मा, महावीर सुराणा, अशोक पाटनी, डॉ किंशुक लालका, निलेश जैन, रोहित मोमाया, सौरभ जैन, महेन्द्र परिहार सहित बड़ी संख्या में समाज जन उपस्थित थे।

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