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नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में सेंधवा के शिक्षक विजय पाटिल की 11 पुस्तकों का हुआ भव्य विमोचन

विज्ञान भवन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में देश-विदेश से आए विद्वानों, शोधार्थियों और प्राध्यापकों ने सहभागिता की।

नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन 2025 में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में साहित्य, राष्ट्रीयता और मानवदर्शन विषयों पर विचार प्रस्तुत हुए और इसी दौरान सेंधवा निवासी शिक्षक की 11 पुस्तकों का विशेष सत्र में विमोचन किया गया।

सेंधवा–विश्व हिंदी परिषद एवं भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में विज्ञान भवन नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन 2025 आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में ‘राष्ट्रीयता और मानवदर्शन के प्रतीक पंडित दीनदयाल उपाध्याय’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। सम्मेलन में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर से 300 से अधिक प्रतिभागियों ने सहभागिता की। इनमें शोधार्थी, विद्वान, प्राध्यापक, सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। संगोष्ठी के प्रथम दिवस में डॉ महेशचंद्र वर्मा अध्यक्ष एकात्म मानवदर्शन अनुसंधान एवं विकास परिषद नई दिल्ली, प्रो. पूरनचंद्र टंडन दिल्ली विश्वविद्यालय, डॉ शिवशक्ति बक्शी संपादक कमल संदेश, बलदेव पुरुषार्थ संयुक्त सचिव आर्थिक कार्य विभाग वित्त मंत्रालय भारत शासन, प्रो. हेमेंद्र जैन प्राचार्य दीनदयाल उपाध्याय दिल्ली ने मुख्य वक्ता के रूप में विचार व्यक्त किए।

द्वितीय सत्र और प्रमुख अतिथि

द्वितीय सत्र के उद्घाटन में प्रमुख अतिथि के रूप में माननीय महामहिम कवींद्र गुप्ताजी उपराज्यपाल केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख, माननीय श्रीमती धर्मशिला गुप्ता माननीय सांसद राज्यसभा, डॉ विपिन कुमार राष्ट्रीय महासचिव विश्व हिंदी परिषद नई दिल्ली, आचार्य यार्लागड़ा लक्ष्मीप्रसाद राष्ट्रीय अध्यक्ष विश्व हिंदी परिषद दिल्ली, प्रो. रामनारायण पटेल सम्मेलन संयोजक, अजय मिश्र टेनी पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री भारत सरकार और प्रो. सच्चिदानंद मिश्रा सदस्य सचिव भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद उपस्थित रहे। इस अवसर पर हिंदी भाषा, राष्ट्रीय चिंतन और भारतीय संस्कृति पर आधारित विषयों पर विस्तृत विमर्श हुआ।

सेंधवा के शिक्षक की 11 पुस्तकों का विमोचन

सम्मेलन के विशेष सत्र में सेंधवा निवासी शिक्षक विजय पाटिल की 11 पुस्तकों का विमोचन माननीय उपराज्यपाल कवींद्र गुप्ताजी द्वारा किया गया। इस अवसर पर उपराज्यपाल ने विजय पाटिल को विशेष शुभकामना संदेश देते हुए उनके साहित्यिक कार्य की सराहना की। पाटिल ने सम्मेलन में अपना शोध पत्र भी प्रस्तुत किया जिसका विषय ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय और आधुनिक भारत’ रहा। इसके साथ ही सागर निवासी डॉ सीताराम आठिया की 10 पुस्तकों का भी विमोचन किया गया। सम्मेलन में उपस्थित विद्वानों ने साहित्य जगत में दोनों लेखकों के योगदान का उल्लेख किया।

विजय पाटिल का साहित्यिक और शैक्षणिक सफर

डॉ विजय पाटिल पिछले 15 वर्षों से साहित्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय हैं। उनकी 20 से अधिक सम्पादित पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वे हिंदी सलाहकार समिति अल्पसंख्यक मंत्रालय भारत सरकार में सदस्य मनोनीत हैं। वर्तमान में वे जिला बड़वानी अंतर्गत सेंधवा क्षेत्र के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गवाड़ी में शिक्षक पद पर कार्यरत हैं। उनकी साहित्यिक यात्रा को लेकर जिले के अनेक साहित्यकारों, शिक्षकों और समाजसेवियों ने प्रसन्नता व्यक्त की।

शुभकामनाएं और सम्मान

सम्मेलन में हुए पुस्तक विमोचन के बाद पीसी शर्मा बीईओ निवाली, एस एस राणा प्राचार्य, अमिता जोधपुरकर प्राचार्य, मनोज जोधपुरकर, मनोज मराठे, मनोज पाटिल, लक्ष्मण जोशी, भटू पाटिल, डॉ कविता प्रसाद, पाटिल समाज जिला बड़वानी, सेंधवा काव्यमंच के संरक्षक प्रो. सी जी खले, आर शर्मा, मंच प्रमुख पवन शर्मा, मनोज मराठे, महेश बावीस्कर, विशाल त्रिवेदी, वाजिद हुसैन, हाफिज अहमद, साकिर शेख, चेतन गोयल, निलेश मंगल, त्रिवेदी, अनीता चतुर्वेदी, मंजुला शर्मा आदि ने विजय पाटिल को शुभकामनाएं दीं और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


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