सेंधवा: सोनखेड़ी (धवली) लघु सिंचाई योजना को मिली अंतिम मंजूरी, 49.320 हेक्टेयर वन भूमि उपयोग को स्वीकृति
वन मंत्री भूपेन्द्र यादव के पत्र से मिली जानकारी, सुनील अग्रवाल ने बताया—अब योजना के क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त

जनोदय पंच। सेंधवा। ग्राम सोनखेड़ी (धवली) की प्रस्तावित लघु सिंचाई योजना को भारत सरकार से अंतिम स्वीकृति (स्टेज-2) मिल गई है। 49.320 हेक्टेयर वन भूमि के गैर-वानिकी उपयोग को मंजूरी मिलने से योजना के क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो गया है। जानकारी वन मंत्री भूपेन्द्र यादव के पत्र से मिली।
भारत सरकार से मिली अंतिम स्वीकृति
विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सोनखेड़ी (धवली) में प्रस्तावित लघु सिंचाई योजना को बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। 49.320 हेक्टेयर वन भूमि के गैर-वानिकी उपयोग के लिए भारत सरकार द्वारा अंतिम स्वीकृति (स्टेज-2) प्रदान कर दी गई है। यह स्वीकृति अंतरसिंह आर्य के प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।
वन मंत्री के पत्र से मिली जानकारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारत सरकार के वन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने पत्र के माध्यम से इस अंतिम स्वीकृति की जानकारी प्रदान की। स्वीकृति मिलने से अब योजना के क्रियान्वयन का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है।
किसानों को मिलेगा सिंचाई का लाभ
भाजपा प्रवक्ता सुनील अग्रवाल ने बताया कि यह परियोजना क्षेत्र के किसानों के लिए वरदान सिद्ध होगी। लंबे समय से सिंचाई सुविधा के अभाव में किसान वर्षा पर निर्भर थे, जिससे उत्पादन प्रभावित होता था। अब लघु सिंचाई योजना के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचेगा, जिससे फसल उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी।
अंतरसिंह आर्य बोले—विकास के लिए निरंतर प्रयास
अजजा आयोग राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य ने कहा कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए वे निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के कारण ही ऐसी महत्वपूर्ण योजनाओं को स्वीकृति मिल रही है। यह योजना विशेष रूप से आदिवासी एवं ग्रामीण अंचल के किसानों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में सहायक सिद्ध होगी।
विकास आर्य ने जताया आभार
भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष विकास आर्य ने सेंधवा विधानसभा की आम जनता, किसान भाइयों एवं पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से अंतरसिंह आर्य, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भारत सरकार के वन मंत्री भूपेन्द्र यादव तथा भारत सरकार का हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह स्वीकृति क्षेत्र के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
ग्रामीणों में हर्ष, शीघ्र शुरू होगा निर्माण
स्थानीय किसानों और ग्रामीणों में स्वीकृति की खबर से हर्ष का वातावरण है। शीघ्र ही योजना के तहत आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में सिंचाई का दायरा बढ़ेगा और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।



