सेंधवा

सेंधवा; युवा दिवस स्वामी विवेकानंद जयंती पर हुआ सूर्यनमस्कार

नेहरू स्मृति हायर सेकेंडरी हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम स्कूल सेंधवा में योगाभ्यास एवं सूर्यनमस्कर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

सेंधवा : राष्ट्रीय युवा दिवस पर शिक्षा प्रसारक समिति द्वारा संचालित नेहरू स्मृति हायर सेकेंडरी हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम स्कूल सेंधवा में योगाभ्यास एवं सूर्यनमस्कर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रार्थना सभा में कक्षा 1 ली से 12वी तक के विद्यार्थियों ने योगाभ्यास एवं सूर्यनमस्कर किया। कार्यक्रम में संस्था अध्यक्ष रविन्द्रसिंह मंडलोई ने बताया कि राष्ट्रीय युवा दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारत के आत्मविश्वास की याद है। यह दिन हर वर्ष 12 जनवरी को मनाया जाता है, जो स्वामी विवेकानंद की जयंती है।

स्वामी विवेकानंद केवल संत नहीं, बल्कि युवाओं के मार्गदर्शक थे। उनका प्रसिद्ध मंत्र, “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए”। यह सूत्र वाक्य आज भी हर युवा के लिए दिशा दिखाने वाला दीपक है। उन्होंने कहा कि उनका जीवन युवाओं को आत्मविश्वास, साहस और सेवा का पाठ पढ़ाता है, इसलिए उनकी जयंती को युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।


प्राचार्य राहुल मण्डलोई ने बताया कि उनका जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था। स्वामी विवेकानंद एक प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे, जिनका वास्तविक नाम था नरेन्द्र नाथ दत्त, शिकागो में वर्ष 1893 में विश्व घर्म महासमा में विवेकानंद जी ने भारत की तरफ से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। स्वामी विवेकानंद ने रामकृष्ण मिशन की भी स्थापना की थी। रामकृष्ण परमहंस के वे शिष्य थे। कोलकाता के बंगाली कायस्थ परिवार में जन्मे विवेकानंद जी अपने गुरु से काफी प्रभावित थे। उनके विचारों ने सभी वर्ग के लोगों को जीवन में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाया।
हिंदी माध्यम के प्राचार्य हेमंत खेड़े ने बताया स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि गुलाम का कोई धर्म नहीं होता और भारत को गुलामी से आजाद कराना धर्म है। स्वामी जी कहते थे कि हम वो हैं, जो हमें हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए यह ध्यान रखना जरूरी है कि हम क्या सोचते हैं। उनके विचार किसी को भी ऊर्जा से भरने वाले हैं।उप प्राचार्य देवेन्द्र कानूनगो ने स्वामी विवेकानंद से जुड़े रोचक तथ्यों के बारे में बताया वे बचपन से ही अत्यंत बुद्धिमान थे, 31 बीमारियों से ग्रस्त थे, चाय के शौकीन थे, वेदांत दर्शन को पश्चिम में ले गए।
सूर्यनमस्कर के 12 मुद्राओं का अभ्यास संस्था पीटीआई हिमांशु मालाकार द्वारा कराया गया।
इस उपलक्ष्य पर पूर्व अध्यक्ष पीरचंद मित्तल, बी एल जैन,दिलीप कानूनगो, उपाध्यक्ष शैलेश कुमार जोशी, सचिव अशोक कुमार सकलेचा, कोषाध्यक्ष दीपक लालका , सह सचिव मनोज कानूनगो तथा समस्त विद्यार्थी उपस्थित रहे।

 

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