इंदौर: दूषित पानी से मौतों का मामला कोर्ट पहुंचा, अफसरों पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज करने की मांग
भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर कोर्ट ने पुलिस को जांच के दिए निर्देश

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले में कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में जिम्मेदार अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज करने की मांग की गई है। कोर्ट ने पुलिस को जांच के निर्देश दिए हैं।
मामले ने लिया कानूनी मोड़
इंदौर। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है। क्षेत्र निवासी रामू सिंह ने कोर्ट में याचिका दायर कर इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस को जांच के आदेश दिए हैं।
दो साल से दूषित पानी की समस्या
याचिकाकर्ता के वकील दिलीप नागर के अनुसार भागीरथपुरा के निवासी पिछले दो वर्षों से दूषित पानी पीने को मजबूर थे। लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। वर्ष 2024 में दूषित पानी के सेवन से एक युवती की मौत के बाद नर्मदा पाइप लाइन बदलने की प्रक्रिया शुरू करने की नोटशीट जारी की गई थी।
टेंडर प्रक्रिया में लापरवाही का आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया है कि पाइप लाइन बदलने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन तत्कालीन निगमायुक्त और वर्तमान इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा द्वारा इसे आगे नहीं बढ़ाया गया। बाद में निगमायुक्त दिलीप यादव पर भी टेंडर पास न करने के आरोप लगाए गए हैं। लंबे समय तक टेंडर अटका रहने से लोग बीमार होते रहे और मौतें हुईं।
कोर्ट ने मांगी जांच रिपोर्ट
याचिका में संबंधित अधिकारियों पर धारा 106 के तहत मामला दर्ज करने और निष्पक्ष जांच तक पद से हटाने की मांग की गई है। कोर्ट ने बाणगंगा थाना प्रभारी को 24 जनवरी तक विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।



