सेंधवा-बड़वानी मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे, जिम्मेदार कौन? 15 साल का अनुबंध, लेकिन सड़क बेहाल, टोल प्लस एन्युटी पर बड़ा सवाल
सामाजिक कार्यकर्ता जैन ने मुख्यमंत्री सहित अन्य को पत्र लिखकर सेंधवा-जोगवाड़ा-पलसुद मार्ग की मरम्मत की मांग की

सेंधवा से जोगवाड़ा और पलसुद होते हुए बड़वानी तक बना अंतरप्रांतीय मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता बी.एल. जैन ने मरम्मत और नवीनीकरण कार्य तुरंत शुरू कराने की मांग को लेकर संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा है।
अंतरप्रांतीय मार्ग की स्थिति
मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम लिमिटेड द्वारा टोल प्लस एन्युटी योजना अंतर्गत निर्मित सेंधवा से व्हाया जोगवाड़ा, पलसुद बड़वानी तक 57 किलोमीटर लंबा अंतरप्रांतीय मार्ग वर्तमान में कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुका है। इससे वाहन चालकों और यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री से लेकर कलेक्टर तक पत्र
सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता बी.एल. जैन ने इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, लोक निर्माण मंत्री राकेषसिंह, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग, प्रबंध संचालक सड़क विकास निगम लिमिटेड और कलेक्टर बड़वानी को पत्र प्रेषित किया है। उन्होंने अवगत कराया कि यह मार्ग मध्यप्रदेश को गुजरात राज्य से सीधे जोड़ता है और प्रतिदिन सैकड़ों वाहन यहां से गुजरते हैं।
अनुबंध और रखरखाव की शर्तें
पत्र में उल्लेख किया गया है कि यह सड़क वर्ष 2011-12 में 15 वर्ष की अवधि के लिए टोल प्लस एन्युटी योजना अंतर्गत निर्मित की गई थी। अनुबंध के अनुसार कंसेष्नायर को वर्ष 2026-27 तक मार्ग का व्यवस्थित रखरखाव और संपूर्ण 57 किलोमीटर सड़क का नवीनीकरण कर सड़क विकास निगम को सौंपना है।
लापरवाही का आरोप
बी.एल. जैन ने लिखा है कि वर्तमान में मार्ग का नियमानुसार रखरखाव नहीं किया जा रहा है, जिससे निर्बाध आवागमन प्रभावित हो रहा है। खराब सड़क के कारण वाहन गति धीमी हो रही है और दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क विकास निगम के संभागीय प्रबंधक धार द्वारा कंसेष्नायर के विरुद्ध ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
तत्काल कार्रवाई की मांग
पत्र में मांग की गई है कि अनुबंध की शर्तों के अनुसार मरम्मत कार्य तुरंत प्रारंभ कराया जाए और वर्ष 2026-27 में टोल रोड की स्थिति में ही संपूर्ण नवीनीकरण कार्य पूर्ण कराने के निर्देश जारी किए जाएं, ताकि आम जनता और वाहन चालकों को राहत मिल सके।



