सेंधवा के बड़गांव में सरपंच पुत्र पर गुंडागर्दी के आरोप, ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय में सौंपा ज्ञापन,
गांव में भय का माहौल, पंचायत संचालन में हस्तक्षेप और शिकायतकर्ताओं को डराने के आरोप

सेंधवा के बड़गांव में ग्रामीणों ने सरपंच पुत्र शिवम डुडवे पर मारपीट और धमकी के आरोप लगाए हैं। एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की मांग की गई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में भय का माहौल बना हुआ है।
सेंधवा जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बड़गांव में कानून-व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर चिंता जताई है। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण एसडीएम कार्यालय पहुंचे और नायब तहसीलदार सुधीर शर्मा को एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपते हुए सरपंच के पुत्र शिवम डुडवे पर गुंडागर्दी, मारपीट और धमकी देने के आरोप लगाए।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि शिवम डुडवे गांव में आए दिन विवाद करता है और लोगों के साथ मारपीट कर उन्हें जान से मारने की धमकी देता है। उनका आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ, बल्कि शिकायतकर्ताओं को और अधिक डराया-धमकाया जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, हाल ही में सिविल अस्पताल में भी एक विवाद सामने आया, जहां शिवम डुडवे ने शिकायतकर्ता देवीसिंह जमरे के साथ मारपीट की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया।
ग्रामीणों सखाराम मोरे और देवसिंह जमरे ने आरोप लगाया कि शिवम डुडवे और उसके पिता कुमार डुडवे दोनों ही आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। बताया गया कि कुमार डुडवे कुछ समय पहले हत्या के एक मामले में जेल से जमानत पर रिहा हुआ है। वहीं शिवम डुडवे के खिलाफ 30 अक्टूबर 2025 को भी ग्रामीण थाने में प्रकरण दर्ज किया गया था।
ग्रामीण युवाओं का कहना है कि पिता-पुत्र के कारण गांव में डर का माहौल बना हुआ है और उनके खिलाफ आवाज उठाने वालों को धमकियां दी जाती हैं।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि महिला सरपंच के नाम पर पंचायत का संचालन वास्तव में उनके पति और पुत्र द्वारा किया जा रहा है। जब भी ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पंचायत पहुंचते हैं, तो उन्हें डराया-धमकाया जाता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शिवम डुडवे के खिलाफ तत्काल प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि गांव में शांति और सुरक्षा का माहौल स्थापित हो सके। ज्ञापन सौंपने के दौरान भूरेलाल, आशाराम, सकाराम, राकेश, मोहन सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।



