सेंधवा। मार्निंग ग्रुप ने फिल्म स्टार धर्मेंद्र को श्रधांजलि दी

सेंधवा। मार्निंग ग्रुप ने फिल्म स्टार धर्मेंद्र को दी भावभीनी श्रद्धांजलि फिल्मी गीतों की गूंज में याद किए गए ‘हीमैन’ कहा फिल्म जगत में एक युग का अंत हुआ ।
मार्निंग ग्रुप के सदस्यों ने आज प्रातःकालीन संयोजन के दौरान बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। ग्रुप द्वारा विशेष रूप से उनके करियर से जुड़े लोकप्रिय गीतों को सामूहिक रूप से गुनगुनाया गया, जिससे पूरा माहौल फिल्मी यादों और भावनाओं से भर उठा । शुरुआत धर्मेंद्र पर फिल्माए अमर गीतों— “मैं जाट यमला पगला दीवाना”, “कालू बली ओ बलमा”, “कहीं प्यार ना हो जाए” जैसे गीतों से हुई। ग्रुप अध्यक्ष प्रदीप नाईक ने कहा कि धर्मेंद्र सिर्फ एक अभिनेता ही नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के वो चमकते सितारे थे जिन्होंने अपने अभिनय, व्यक्तित्व और सादगी से हर वर्ग के दर्शकों का दिल जीता । ग्रुप के वरिष्ठ सदस्य राजेश मिश्रा ने धर्मेंद्र के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जाना हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी एक्शन, रोमांस और भावनात्मक अभिनय की शैली आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई है । सुनील अग्रवाल ने बताया कि धर्म सिंह देओल (जन्म 8 दिसम्बर 1935 मृत्यु 24 नवम्बर 2025) जिन्हें धर्मेंद्र के नाम से जाना जाता है, एक भारतीय अभिनेता, निर्माता और राजनीतिज्ञ थे वो लोकसभा क्षेत्र बीकानेर के सासंद रहे हैं। धर्मेंद्र हिंदी फिल्मों में अपने काम के लिए जाने जाते थे। बॉलीवुड के “ही-मैन” के रूप में जाने जाने वाले धर्मेंद्र ने पांच दशकों के करियर में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया है।1997 में, उन्हें हिंदी सिनेमा में उनके योगदान के लिए फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड मिला। वह भारत की 15 वीं लोकसभा के सदस्य थे, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से राजस्थान में बीकानेर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे। 2012 में, उन्हें भारत सरकार द्वारा भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।श्रद्धांजलि में उपस्थित सदस्यों प्रदीप नाईक, सुनील अग्रवाल, राजेश मिश्रा, गिरधारी गोयल, प्रभाकर पाटिल, कमलेश पालीवाल, देवाराम यादव बाबूजी ने दो मिनट का मौन रखकर उनके प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मार्निंग ग्रुप द्वारा आयोजित यह श्रद्धांजलि न सिर्फ धर्मेंद्र की याद में एक भावुक क्षण था, बल्कि उनके द्वारा छोड़ी गई सिनेमाई विरासत को सलाम करने का भी एक सुंदर माध्यम बना। अंत में फिल्म शोले का धर्मेंद्र, अभिताभ बच्चन पर फिल्माया गया गीत यह दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे, तोड़ेंगे हम मगर गा कर श्रद्धांजलि अर्पित की ।



