सेंधवा। लोक अदालत के जरिए मामलों का समाधान, अलग रह रहे दंपति को साथ रहने की दी गई सलाह

सेंधवा। मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देश पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बड़वानी महेन्द्र कुमार जैन के मार्गदर्शन में विधिक सेवा प्राधिकरण, बड़वानी के माध्यम से सेंधवा न्यायालय में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।
लोक अदालत का शुभारम्भ द्वितीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, सेंधवा आदेश कुमार मालवीय, तृतीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, सेंधवा रश्मिना चतुर्वेदी, न्यायिक मजिस्ट्रेट, सेंधवा शुभम मोदी, न्यायिक मजिस्ट्रेट, सेंधवा सौम्या चौधरी, अभिभाषक संघ अध्यक्ष शैलेष जोशी, नरेन्द्र तिवारी, हरिशंकर बालिचा, अन्तिम सिंह कुशवाह, अतुल मण्डलोई, वरुण चौहान, अश्विनी शर्मा, संतोष सोनी, मयूर गर्ग, शांतिलाल वर्मा, चंद्रशेखर मराठे, कैलाश तरौले, मालती अग्रवाल एवं अन्य सदस्यों, विद्युत विभाग के कार्यपालन यंत्री सखाराम खरते, सहायक यंत्री युवराज अवाया, अन्य अधिकारी, विद्युत मण्डल के कर्मचारी, नगर पालिका एवं विभिन्न बैंकों के अधिकारी-कर्मचारी तथा न्यायालयीन कर्मचारियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं पूजन कर किया गया।
लोक अदालत के शुभारम्भ अवसर पर न्यायाधीशों ने उपस्थित पक्षकारों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अभिभाषक संघ सेंधवा के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि नेशनल लोक अदालत का उद्देश्य प्रकरणों का निराकरण आपसी समझौतों के माध्यम से करना है। समझौते से परस्पर सद्भावना बढ़ती है, समय, धन एवं श्रम की बचत होती है तथा पक्षकारों के बीच तनाव कम होता है। लोक अदालत के माध्यम से बैंक, आपराधिक, सिविल, नगर पालिका, मोटर दुर्घटना, वन विभाग, बिजली विभाग, पारिवारिक एवं राजस्व मामलों का निराकरण किया जाता है।

आज आयोजित लोक अदालत में द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सेंधवा आदेश कुमार मालवीय के न्यायालय में 5 मोटर दुर्घटना क्लेम प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 27 लाख 40 हजार रुपये पक्षकारों को प्राप्त हुए तथा 24 व्यक्ति लाभान्वित हुए। विद्युत मण्डल के 22 प्रकरणों में 3 लाख 14 हजार 171 रुपये की राशि जमा हुई और 51 व्यक्ति लाभान्वित हुए। 1 सिविल प्रकरण एवं 1 सिविल अपील का भी निराकरण किया गया, जिसमें 3 लाख 50 हजार रुपये प्राप्त हुए।
तृतीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सेंधवा रश्मिना चतुर्वेदी के न्यायालय में 14 मोटर दुर्घटना क्लेम प्रकरणों का निराकरण हुआ, जिसमें 61 लाख 8 हजार रुपये प्राप्त हुए और 63 व्यक्ति लाभान्वित हुए। 1 क्लेम बजावरी प्रकरण में 40 हजार रुपये प्राप्त हुए।

न्यायिक मजिस्ट्रेट, सेंधवा शुभम मोदी के न्यायालय में 22 आपराधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया। चेक बाउंस के 10 प्रकरणों में 16 लाख 97 हजार 891 रुपये परिवादियों को दिलवाए गए। नगर पालिका के 41 प्रकरणों में 3 लाख 12 हजार 705 रुपये की वसूली हुई तथा बैंक रिकवरी के 6 प्रकरणों में 2 लाख रुपये वसूले गए।

न्यायिक मजिस्ट्रेट, सेंधवा सौम्या चौधरी के न्यायालय में चेक बाउंस के 3 प्रकरणों में 6 लाख 47 हजार रुपये, भरण-पोषण के 7 प्रकरणों में 1 लाख 50 हजार रुपये दिलवाए गए। इसके अलावा आपराधिक एवं सिविल प्रकरणों का भी निराकरण किया गया। विशेष रूप से, लोक अदालत के माध्यम से समझौते द्वारा प्रकरणों का निराकरण करने वाले पक्षकारों को पौधों का वितरण भी किया गया।
उक्त जानकारी अभिभाषक संघ, सेंधवा के प्रवक्ता प्रिन्स शर्मा द्वारा दी गई।




