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सेंधवा में भागवत कथा का दूसरा दिन, भक्ति और गुरु महिमा से भावविभोर हुआ नगर, कथा में भक्ति, वैराग्य और गुरु तत्व का हुआ विस्तार

स्व. विष्णुप्रसाद यादव की स्मृति में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

सेंधवा नगर में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन भक्ति, गुरु महिमा और वैराग्य का भावपूर्ण वर्णन हुआ। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की उपस्थिति से आध्यात्मिक वातावरण निर्मित रहा।

स्व. विष्णुप्रसाद यादव की स्मृति में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन कथा स्थल पर श्रद्धा, भक्ति और वैराग्य का अनुपम वातावरण देखने को मिला। निंबार्काचार्य श्री श्रीजी महाराज श्री श्यामशरण देवाचार्य ने अपने ओजस्वी और भावपूर्ण प्रवचन में कहा कि मानव जीवन में यदि कोई वस्तु अत्यंत दुर्लभ है, तो वह भागवत कथा का श्रवण है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपने सामर्थ्य से धन, वैभव, पद और प्रतिष्ठा प्राप्त कर सकता है, लेकिन जीवन को सार्थक बनाने वाली भक्ति केवल भागवत कथा के श्रवण से ही प्राप्त होती है। दूसरे दिन की कथा के समापन पर पूर्व मंत्री प्रेमसिंह पटेल व नगर परिषद राजपुर के अध्यक्ष प्रतिनिधि विजय अग्रवाल आरती में सम्मिलित हुए ।

भागवत कथा से मिलता है जीवन का मार्ग

कथावाचक श्रीजी महाराज ने कहा कि संसार की अधिकांश वस्तुएं सुलभ हैं, किंतु भागवत कथा का श्रवण अत्यंत दुर्लभ है और यही जीवन को सही दिशा प्रदान करता है। उन्होंने सेंधवा नगर को वैष्णव परंपरा से जुड़ा हुआ नगर बताते हुए कहा कि यहां निरंतर धार्मिक आयोजन, कथा और भजन-कीर्तन होते रहते हैं। निंबार्काचार्य परंपरा के सद्गुरु निंबार्काचार्य पीठाधीश्वर श्री राधासर्वेश्वर शरणदेवाचार्य श्री श्रीजी महाराज की विशेष कृपा से यह नगर आध्यात्मिक दृष्टि से सौभाग्यशाली है।

भक्ति और गुरु महिमा का विस्तार से वर्णन

प्रवचन के दौरान भक्ति के महत्व को रेखांकित करते हुए कथावाचक श्रीजी महाराज ने कहा कि भगवान और जीव के मिलन का एकमात्र माध्यम भक्ति है। भक्ति के नौ प्रकार बताए गए और कहा गया कि इनमें से किसी एक भक्ति में भी पूर्ण रूप से लीन होने पर मानव जीवन भवसागर से पार हो जाता है। देवर्षि नारद के प्रसंग के माध्यम से उन्होंने वृंदावन की महिमा का वर्णन किया। गुरु महिमा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि बिना गुरु के जीवन दिशाहीन हो जाता है और भगवान की प्राप्ति के लिए सद्गुरु का होना अनिवार्य है।

श्रद्धालुओं ने किया पूजन, आरती व प्रसाद वितरण

 श्रीजी महाराज ने कहा कि ने नगर में हो रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष बसंती बाई यादव के नेतृत्व में हुए विकास का उल्लेख किया। कथा के दूसरे दिन बसंती बाई यादव, संजय यादव, जितेंद्र यादव, विकास आर्य, कविता आर्य, प्रहलाद यादव, केदारमल गोयल, किशोर अप्पा, गोविंदजी भारड़ियां, ज्योत्सना अग्रवाल, किरण तायल, उषा तायल, रानी मंगल, गायत्री शाह, निशा शर्मा, नीलिमा पवार, सुप्रिया वैद्य, नर्मदाप्रसाद यादव, रघुनाथ यादव, दीपक जोशी, कालूराम शर्मा, कैलाश गोयल, कोठारी मेडम सहित अनेक श्रद्धालुओं ने भागवत पोथी का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा के समापन पर विधिवत आरती संपन्न हुई और प्रसाद वितरण किया गया।

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