इंदौर: भागीरथपुरा में दूषित पानी से 21वीं मौत, महिला ने एमवायएच में तोड़ा दम
इंदौर: भागीरथपुरा में दूषित पानी से 21वीं मौत, महिला ने एमवायएच में तोड़ा दम
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से जुड़ा संकट गहराता जा रहा है। शनिवार को एक महिला की मौत के साथ मृतकों की संख्या 21 हो गई। हालांकि नए मरीजों की संख्या में कमी आई है, लेकिन कई गंभीर मरीज अब भी अस्पताल में भर्ती हैं।
दूषित पानी से एक और मौत
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में शनिवार को दूषित पानी के कारण एक और महिला की मौत हो गई। फर्जी वाली गली निवासी सुनीता वर्मा पति सतीश (49) को 7 जनवरी को एमवायएच में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई और शनिवार दोपहर उन्होंने दम तोड़ दिया। महिला के बेटे विकास ने बताया कि दूषित पानी पीने से उनकी मां की किडनी डैमेज हो गई थी। महिला का पोस्टमार्टम रविवार को किया जाएगा।

मरीजों की संख्या में गिरावट, डिस्चार्ज जारी
21 मौतों के बाद अब धीरे-धीरे नए मरीजों की संख्या में कमी देखी जा रही है। शुक्रवार को ओपीडी में डायरिया के 15 नए मरीज पहुंचे, जिनमें से दो को भर्ती किया गया। अब तक कुल 414 मरीज अस्पताल में भर्ती हो चुके थे, जिनमें से 369 को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है।
आईसीयू और वेंटिलेटर पर गंभीर मरीज
वर्तमान में 45 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से 11 मरीज आईसीयू में हैं, जबकि चार मरीज वेंटिलेटर पर उपचाररत हैं। इन गंभीर मरीजों में किडनी और लिवर की समस्या के साथ मल्टी ऑर्गन फेल्योर जैसी जटिलताएं पाई गई हैं। डॉक्टरों की विशेष टीम लगातार निगरानी कर रही है। वेंटिलेटर पर मौजूद मरीजों में अधिकांश वृद्ध हैं और कुछ को पहले से अन्य बीमारियां भी हैं।

उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित
शुक्रवार देर शाम अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय नीरज मंडलोई और इंदौर जिले के प्रभारी, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन की विशेष उपस्थिति में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में भागीरथपुरा क्षेत्र की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। कमिश्नर डॉ. सुदाम खाडे, कलेक्टर शिवम वर्मा, निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
10 जनवरी से प्रदेशव्यापी शुद्ध जल अभियान
मुख्य सचिव मंडलोई और अनुपम राजन ने जानकारी दी कि 10 जनवरी से प्रदेशव्यापी शुद्ध जल अभियान शुरू किया जा रहा है। अभियान के तहत शुद्ध जल आपूर्ति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सभी जल स्रोतों की जांच, त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई और व्यापक जनजागरूकता को प्राथमिकता दी जाएगी। भागीरथपुरा की घटना को चेतावनी मानते हुए पूरे प्रदेश की जल आपूर्ति प्रणाली की सतत समीक्षा की जाएगी। नगर निगम को शुद्ध और सुरक्षित जल उपलब्ध कराने के लिए हमेशा सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं।



