मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना अंतर्गत 23 जनवरी और 10 फरवरी को बड़वानी।जिले में होगे सामुहिक विवाह, 49 हजार रूपये की सहायता राशि मिलेगी

जनोदय पंच। बड़वानी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना अंतर्गत 23 जनवरी बसंत पंचमी एवं 10 फरवरी को सामुहिक विवाह आयोजन किया जायेगा। सामुहिक विवाह में सम्मिलित होने वाले वर-वधु द्वारा आवेदन फार्म शासन द्वारा निर्धारित पात्रता मापदण्ड शर्तों के अधीन ग्रामीण क्षेत्र हेतु संबंधित जनपद पंचायत एवं नगरीय क्षेत्र हेतु संबंधित नगर पालिका में आवदेन जमा किये जा सकते हैं।
कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह द्वारा सामुहिक विवाह आयोजन के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बड़वानी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत ठीकरी को जिला स्तरीय कार्यक्रम हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के तहत सामुहिक विवाह में सम्मिलित वधू को सहायता राशि 49 हजार रूपये डी.बी.टी. के माध्यम से कन्या के बैंक खाते में प्रदाय किये जायेगे।
उप संचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण श्री रौनक सोलंकी ने बताया कि सामुहिक विवाह हेतु प्राप्त आवेदन पत्रों की संख्या शासन द्वारा निर्धारित अधिकतम संख्या 200 निर्धारित की गई है। सामुहिक विवाह आयोजन की तिथि का व्यापक प्रचार-प्रसार किये जाने के लिऐ ग्रामीण क्षेत्र हेतु संबंधित जनपद पंचायत सी.ई.ओ. और शहरी क्षेत्र हेतु सी.एम.ओ. नगरपालिका परिषद द्वारा किया जायेगा। सामुहिक विवाह कार्यक्रम में सम्मिलित होने हेतु वर-वधू के अभिभावक मध्यप्रदेश के मूल निवासी होना चाहिये।
बी.पी.एल. पोर्टल पर सत्यापन अनिवार्य
कन्या तथा कन्या के अभिभावक गरीबी रेखा के नीचे जीवन निर्वाह करते हो, साथ ही इनका बी.पी.एल. पोर्टल पर सत्यापन अनिवार्य होगा। वर-वधू द्वारा विवाह करने के लिऐ निर्धारित आयु पूर्ण कर ली हो, वर्तमान में कन्या के लिये विवाह करने हेतु वैधानिक आयु 18 एवं पुरूष के विवाह करने हेतु वैधानिक आयु 21 वर्ष निर्धारित है। इसी प्रकार कन्या का पूर्व में विवाह ना हुआ हो। इस मापदण्ड से आशय यह है कि वर-वधु का विवाह योजना अंतर्गत आयोजित सामुहीक विवाह कार्यक्रम में ही संपन्न हो एवं एैसा ना हो कि उनके द्वारा पूर्व में एकल घर से या किसी अन्य विवाह कार्यक्रम द्वारा विवाह कर लिया गया हो। आवेदक वर एवं वधू को अपने निवासरत निकाय के जनपद पंचायत सी.ई.ओ. या सी.एम.ओ. द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण-पत्र निर्धारित प्रारूप में आवेदन के साथ संलग्न करना होगा। वर एवं वधू को समग्र पोर्टल पर आधार से ई-केवाइसी अनिवार्य है। सामुहिक विवाह हेतु जोड़ों के चयन में दिव्यांग जोड़ों को प्राथमिकता दी जायेगी।



