सात माह से बदहाल सेंधवा–खेतिया राष्ट्रीय राजमार्ग, बार-बार शिकायतों के बावजूद पानसेमल–खेतिया मार्ग पर जनता परेशान

सेंधवा; सेंधवा खेतिया अंतरप्रांतीय राष्ट्रीय राजमार्ग की दुर्दषा को लेकर 4 बार षिकायत करने के बावजुद भी पानसेमल से खेतिया के मध्य सड़क दर्जनों स्थान पर क्षतिग्रस्त है, 2 बार ठेकेदार द्वारा कार्य प्रारंभ करने के बाद भी इस हिस्से का कार्य नहीं किया गया होने से वाहन चालको एवं यात्रियों को आवागमन में असुविधा हो रही है। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच एवं मरम्मत कार्य तुरंत प्रारंभ करवाने की मांग की गई है।
सामाजिक कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ कर सलाहकार बी.एल.जैन ने मुख्यमंत्री एवं लोकनिर्माण मंत्री राकेषसिंह, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव लो.नि.वि. एवं मुख्य अभियंता को पत्र प्रेषित कर अवगत कराया है कि 57 कि.मी. इस मार्ग की बदहाली को लेकर उनके द्वारा 28 जुलाई, 24 अगस्त, 01 अक्टुम्बर एवं 30 नवम्बर 2025 को सड़क की बदहाली के फोटो सहित सप्रमाण शिकायतें शासन को भेजी गई इस परिपेक्ष्य में 15 अक्टु. एवं 02 दिसम्बर से क्षतिग्रस्त हिस्सो का मरम्मत कार्य तो ठेकेदार द्वारा प्रारम्भ किया गया लेकिन पानसेमल से खेतिया के मध्य लगभग 10 कि.मी. के हिस्से में दर्जनो स्थान पर आज भी मार्ग क्षतिग्रस्त है इस वजह से आवागमन तो बाधित हो ही रहा है दुर्घटना का अंदेषा भी हमेशा बना रहता है। श्री जैन ने पत्र मे लिखा है कि प्रश्न यह है कि जब 57 कि.मी. मार्ग के लिए विभाग द्वारा पुरे वर्ष भर मरम्मत कार्य हेतु निविदाऐं जारी कर ठेकेदार से अनुबंध किया गया था वह अनुबंध 57 कि.मी. मार्ग के मरम्मत का कार्य वर्ष भर करने के लिये जारी किया गया था बावजुद इसके ठेकेदार द्वारा 2 बार क्षतिग्रस्त स्थानो पर मरम्मत कार्य प्रारम्भ किया गया लेकिन पानसेमल से खेतिया के हिस्से में मरम्मत कार्य क्यों नही किया गया ? इसके लिये आखिर कौन जवाबदार है। यह जांच का विषय है कि कार्यपालनयंत्री द्वारा संबंधित ऐंजेंसीज का मरम्मत कार्य का बिल स्वीकृत कर दिया गया है क्या ? यदि मरम्मत कार्य पुरी सड़क का नही हुआ है तो फिर बिल कैसे स्वीकृत कर दिया गया है ? मरम्मत कार्य चलने के दौरान कार्यपालन यंत्री/एस.डी.ओ. द्वारा इस सड़क के मरम्मत कार्य की गुणवत्ता को देखने के लिए कब-कब निरीक्षण किया गया यदि निरीक्षण किया गया है तो फिर अधुरा मरम्मत कार्य पुरा करवाने के लिए इन अधिकारियों द्वारा क्या कार्यवाही की गई है इसकी भी जांच की जाना चाहिये।

आपने पत्र मे लिखा है कि विगत लगभग 7 माह से यह सड़क अनेक स्थानो मे क्षतिग्रस्त रही है लेकिन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियो ने इस मामले में कभी गंभीरता नहीं दिखाई इसी कारण सप्रमाण षिकायते भेजने के बावजुद भी आम जनता को शासन से मरम्मत हेतु धनराषि स्वीकृति के बाद भी वर्तमान में भी टुटी हुई सड़क पर यात्रा करने को बाध्य होना पड़ रहा है । श्री जैन ने कहा कि कि यह विभागीय अधिकारियों की घोर लापरवाही का नतीजा है ऐसी स्थिती में जिम्मेदार अधिकारियो के खिलाफ कार्यवाही करते हुवे मरम्मत कार्य शीघ्रता पुर्वक प्रारंभ करवाकर वाहन चालको को आवागमन के लिये बेहतर सड़क उपलब्ध करवाना चाहिये।




