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इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट पर राहुल गांधी और शशि थरूर आमने-सामने

16 से 20 फरवरी तक चल रहे समिट में वैश्विक नेता, तकनीकी कंपनियां और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं केंद्र में

  1. 16 फरवरी से भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 आयोजित।

  2. राहुल गांधी ने आयोजन को ‘डिसऑर्गनाइज्ड पीआर स्पेक्टेकल’ बताया।

  3. शशि थरूर ने समिट को प्रभावशाली और वैश्विक नेतृत्व का मंच कहा।

  4. गलगोटिया यूनिवर्सिटी पवेलियन विवाद के बाद एक्सपो से हटाया गया।

  5. समिट 20 फरवरी तक चलेगा, साथ में इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026 भी जारी।


जनोदय पंच। नई दिल्ली में 16 फरवरी से आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 वैश्विक नेताओं और तकनीकी कंपनियों की भागीदारी के साथ चर्चा में है। आयोजन को लेकर राहुल गांधी और शशि थरूर के अलग-अलग बयान सामने आए हैं। गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद भी केंद्र में रहा।


भारत मंडपम में वैश्विक एआई मंच

राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में 16 फरवरी से इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 आयोजित हो रहा है। इसमें दुनिया के कई तकनीकी दिग्गज और प्रमुख राजनेता शामिल हुए। समिट ने वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है।

राहुल गांधी और शशि थरूर के बयान

राहुल गांधी ने आयोजन को ‘डिसऑर्गनाइज्ड पीआर स्पेक्टेकल’ बताया और कहा कि भारत के टैलेंट और डेटा का सही उपयोग नहीं हुआ। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चीन के रोबोट्स को भारत का बताकर प्रदर्शित किया गया।
वहीं शशि थरूर ने समिट को प्रभावशाली बताया। उन्होंने कहा कि बड़े कार्यक्रमों में तकनीकी और प्रबंधन संबंधी छोटी गड़बड़ियां सामान्य हैं। थरूर ने कहा कि एआई डेवलपमेंट एक नई इंटीग्रेटेड दुनिया की ओर संकेत करता है, जहां समाज पर प्रभाव मुख्य सिद्धांत होगा। उन्होंने कहा कि यह मंच नीति निर्माताओं, उद्योग जगत और स्टार्टअप्स को भविष्य की दिशा तय करने का अवसर देता है।

राफेल डील और डिफेंस पर राय

शशि थरूर ने फ्रेंच राफेल डील का समर्थन करते हुए कहा कि इसके कुछ हिस्से भारत में बनाए जा रहे हैं, जिससे रक्षा क्षमता और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि डिफेंस इसलिए जरूरी है ताकि कोई देश भारत को कमजोर न समझे। यह पूरी तरह डिफेंसिव डिफेंस है और मैं इस पर सरकार का समर्थन करता हूं।

केरल स्टोरी 2 पर टिप्पणी

शशि थरूर ने ‘केरल स्टोरी 2’ पर कहा कि पहली फिल्म नफरत फैलाने वाली थी और हजारों धर्मांतरण का दावा असत्य था। उन्होंने कहा कि कई वर्षों में करीब 30 मामले हुए हैं और किसी एक घटना को बड़ी कहानी में बदलना उचित नहीं है।

गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद

समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी का पवेलियन चर्चा में रहा। यूनिवर्सिटी ने अपने प्रोजेक्ट को चीनी रोबोट और कोरियन ड्रोन के रूप में प्रस्तुत किया। वायरल वीडियो के बाद आयोजकों ने पवेलियन की बिजली काटकर उसे बंद कर दिया। यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया कि रोबोटिक डॉग उनका नहीं, बल्कि छात्रों के प्रयोग का हिस्सा है और इसका उद्देश्य नवाचार व तकनीकी सीख को बढ़ावा देना है।

20 फरवरी तक चलेगा समिट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी को समिट का उद्घाटन किया और स्टार्टअप पवेलियंस का दौरा किया। समिट 20 फरवरी तक चलेगा। साथ ही इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026 में विभिन्न कंपनियां अपने नवीनतम एआई सॉल्यूशंस प्रदर्शित कर रही हैं।


 

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