राजपुर के ग्राम उंचाई में जुआ खेलते 07 आरोपी गिरफ्तार, 1.65 लाख नगद जब्त
राजपुर थाना क्षेत्र और आसपास के गांवों में अवैध जुए के अड्डे कार्रवाईयों के बावजूद लगातार सक्रिय बने हुए हैं।

जनोदय पंच। बड़वानी जिले में राजपुर पुलिस ने ग्राम उंचाई में अवैध जुए पर कार्रवाई करते हुए 07 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने ₹1,65,700 नगद, 52 ताश के पत्ते, चार मोटरसाइकिल और एक पिकअप वाहन जब्त कर जुआ एक्ट में प्रकरण दर्ज किया।
कार्रवाई और गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर तथा एसडीओपी राजपुर आयुष कुमार अलावा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक माधवसिंह ठाकुर ने टीम गठित कर कार्रवाई की। मुखबिर सूचना पर ग्राम उंचाई में दबिश देकर 07 आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया।

आरोपियों की पूरी जानकारी
गिरफ्तार आरोपियों में दिनेश पिता जगन राठौड़ (54 वर्ष), निवासी अंजड; रामेश्वर पिता मोतीराम कुशवाह (63 वर्ष), निवासी नागझिरी, तहसील गोगावा, जिला खरगोन; आशीफ पिता भोलू खान (40 वर्ष), निवासी मनावर, जिला धार; दौलतसिंह पिता बापूसिंह चौधरी (72 वर्ष), निवासी सरसगांव, थाना धरमपुरी, जिला धार; उत्तम पिता राधेश्याम यादव (27 वर्ष), निवासी अंदड, थाना गोगावा, जिला खरगोन; अवतार पिता राजाराम बिढारे (42 वर्ष), निवासी बड़गांव, तहसील गोगावा, जिला खरगोन; तथा सलमान पिता जावेद मकरानी (32 वर्ष), निवासी बाग, जिला धार शामिल हैं।

प्रकरण दर्ज
आरोपियों के कब्जे से 1,65,700 नगद, 52 ताश के पत्ते, 04 मोटरसाइकिल और पिकअप वाहन क्रमांक MP-46-ZF-2413 जब्त किया गया। अपराध क्रमांक 268/26 धारा 13 जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। कार्रवाई में माधवसिंह ठाकुर, राकेश सागोरे, कृष्णकुमार आर्य, जितेंद्र सिंह कछवाहे, बंशीलाल रावत, महेंद्र प्रजापत और अरविंद पाटीदार की भूमिका रही।
अवैध जुए के अड्डे कार्रवाईयों के बावजूद लगातार सक्रिय
बड़वानी जिले के राजपुर थाना क्षेत्र और आसपास के गांवों में अवैध जुए के अड्डे कार्रवाईयों के बावजूद लगातार सक्रिय बने हुए हैं। पुलिस द्वारा समय-समय पर छापेमार कार्रवाई कर आरोपियों को पकड़ने और जुआ सामग्री जब्त करने के बावजूद यह गतिविधि पूरी तरह थम नहीं पा रही है। कार्रवाई के बाद कुछ समय के लिए सन्नाटा जरूर रहता है, लेकिन इसके बाद जुआरी नए स्थानों पर अपने अड्डे फिर से जमा लेते हैं।
ग्रामीण इलाकों में खेतों, सुनसान स्थानों और गांव से दूर क्षेत्रों को जुए के लिए चुना जाता है, जहां रात के अंधेरे में बड़े स्तर पर दांव लगाए जाते हैं। यहां लाखों रुपए की हार-जीत होती है, जिससे यह अवैध कारोबार लगातार जारी रहता है। पुलिस की निगरानी और सख्ती के बावजूद जुआरियों द्वारा नए तरीके अपनाकर इस गतिविधि को जारी रखना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। अब यह देखना होगा कि नवागत एसपी शुक्ल के मार्गदर्शन में राजपुर क्षेत्र में जुआरियों की गतिविधियों पर कितनी प्रभावी रोक लग पाती है।



