नई दिल्ली: नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया, राहुल के खिलाफ नई FIR दर्ज
गांधी परिवार समेत कई व्यक्तियों और कंपनियों के खिलाफ गंभीर आरोप दर्ज, ईडी रिपोर्ट के आधार पर दिल्ली पुलिस ने की कार्रवाई।

नई दिल्ली। नेशनल हेराल्ड मामले में नई FIR दर्ज होने के बाद जांच एक बार फिर तेज हो गई है। रिपोर्ट में संपत्ति अधिग्रहण, आर्थिक अनियमितता और फर्जी कंपनियों के उपयोग जैसे आरोप शामिल हैं। संबंधित कंपनियों और शेयरधारकों से पूछताछ की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है।
नेशनल हेराल्ड केस में हाल ही में नई FIR दर्ज की गई, जिसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी सहित कुल छह अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। थ्प्त् में तीन कंपनियों—एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड, यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड—के नाम भी दर्ज हैं।
ईडी द्वारा जांच पूरी कर रिपोर्ट दिल्ली पुलिस को सौंपे जाने के बाद यह थ्प्त् 3 अक्टूबर को लिखी गई।
एजेएल के अधिग्रहण को लेकर गंभीर आरोप
FIR के अनुसार, एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड का अधिग्रहण धोखाधड़ी से किया गया था। इस संस्था की संपत्ति लगभग 2000 करोड़ रुपये बताई गई है। अधिग्रहण यंग इंडियन के माध्यम से किया गया और इसमें गांधी परिवार की 76 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज बताई गई है।
थ्प्त् में यह भी उल्लेख है कि कोलकाता आधारित तीन फर्जी कंपनियों के माध्यम से यंग इंडियन को 1 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए और 50 लाख रुपये में एजेएल का अधिग्रहण किया गया।
सैम पित्रोदा व अन्य नाम शामिल
दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई थ्प्त् में सोनिया गांधी, राहुल गांधी के साथ इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा और तीन अन्य व्यक्तियों के नाम भी शामिल हैं। संबंधित कंपनियों की गतिविधियों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर एजेएल के शेयरधारकों को पूछताछ के लिए जल्द बुलाया जा सकता है।
मामले की पृष्ठभूमि
नेशनल हेराल्ड केस 2008 से 2014 के बीच कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। 2014 में सुब्रमण्यम स्वामी की निजी शिकायत पर पटियाला हाउस कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लिया था।
9 अप्रैल को गांधी परिवार और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि कांग्रेस ने आरोपों को खारिज करते हुए ईडी पर केंद्र सरकार के निर्देशों पर कार्य करने का आरोप लगाया है।



