सेंधवा: इंदौर–मनमाड रेल परियोजना में महाराष्ट्र का अधिग्रहण पूरा, मध्य प्रदेश में प्रक्रिया अधूरी
इंदौर–मनमाड रेल परियोजना को मंजूरी के एक वर्ष बाद भी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भूमि अधिग्रहण की सूची जारी नहीं हो सकी।

इंदौर–मनमाड रेल परियोजना के लिए महाराष्ट्र में मनमाड से लेकर पलासनेर तक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होकर सूचियां जारी हो चुकी हैं, जबकि मध्य प्रदेश के सेंधवा, बड़वानी और धार जिलों में अधिग्रहण अब भी लंबित है, जिससे परियोजना की समय-सीमा और लागत पर असर पड़ रहा है।
संघर्ष समिति के मुताबिक बहुचर्चित मनमाड–इंदौर रेल मार्ग को मंजूरी मिले एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। इसके बाद से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया विभिन्न चरणों में चल रही है। महाराष्ट्र में मनमाड से लेकर शिरपुर तहसील के अंतिम गांव पलासनेर और हेडियापाड़ा तक अधिग्रहण की कार्रवाई पूर्ण हो चुकी है और इसकी आधिकारिक सूचियां जारी कर दी गई हैं।
संघर्ष समिति ने रखी स्थिति
इस विषय में संघर्ष समिति प्रमुख मनोज मराठे ने जानकारी दी कि हाल ही में महाराष्ट्र के धुलिया जिले की शिदखेड़ा और शिरपुर तहसील में अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी हुई है। महाराष्ट्र राज्य में संपूर्ण अधिग्रहण की सूची जारी हो चुकी है और कई तहसीलों में किसानों को अवार्ड भी पारित किए जा रहे हैं। इस प्रकार महाराष्ट्र के मालेगांव क्षेत्र से लेकर अंतिम गांव पलासनेर और उससे लगे चिड़ियापाड़ा तक अधिग्रहण की सूची जारी हो चुकी है।
मध्य प्रदेश में देरी बनी चिंता
संघर्ष समिति प्रमुख मनोज मराठे मराठे ने बताया कि इसके विपरीत मध्य प्रदेश के सेंधवा अनुभाग अंतर्गत बड़वानी जिले, वरला तहसील और धार जिले में भूमि अधिग्रहण की सूचियां अब तक जारी नहीं हो सकी हैं। अधिग्रहण में हो रही देरी से परियोजना की शुरुआत प्रभावित हो रही है, जिससे लागत बढ़ने की आशंका लगातार गहराती जा रही है।
लागत बढ़ने का हवाला
संघर्ष समिति के अनुसार जब परियोजना को लेकर आंदोलन प्रारंभ हुआ था, उस समय इसकी अनुमानित लागत लगभग एक हजार करोड़ रुपये थी, जो वर्तमान में बढ़कर 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। समय रहते अधिग्रहण पूरा नहीं होने पर लागत और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। मध्य प्रदेश में शेष भूमि अधिग्रहण को शीघ्र पूरा कराने के लिए संघर्ष समिति राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य से संपर्क कर अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग करेगी।



