इंदौरमध्यप्रदेश

इंदौर में NSUI का DAVV प्रशासन पर हल्ला बोल, रैगिंग और Gen-Z प्रोटेस्ट की साजिश पर जताया आक्रोश

DAVV की एंटी रैगिंग कमेटी रिपोर्ट के बाद NSUI और कांग्रेस ने मिलकर कुलगुरु से की कार्रवाई की मांग

इंदौर में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के IET कॉलेज में रैगिंग और Gen-Z प्रोटेस्ट को लेकर विवाद गहराया। NSUI और कांग्रेस ने प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।

इंदौर में सोमवार को NSUI कार्यकर्ताओं ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के IET इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन ने रैगिंग की बढ़ती घटनाओं और Gen-Z प्रोटेस्ट को लेकर की जा रही साजिशों पर नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान NSUI जिला अध्यक्ष रजत सिंह पटेल ने कहा कि DAVV को रैगिंग मुक्त और छात्र हितैषी बनाना हमारी प्राथमिकता है। यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो NSUI उग्र आंदोलन करेगी।


अधिकारियों पर लगाया पक्षपात का आरोप

NSUI ने आरोप लगाया कि IET DAVV में कुछ अधिकारी और चीफ वार्डन संस्थान को शिक्षा के मंदिर की जगह राजनीति का अखाड़ा बना रहे हैं। संगठन ने मांग की कि ऐसे सभी दोषी अधिकारियों और वार्डनों को तुरंत हटाया जाए। साथ ही रैगिंग में शामिल छात्रों और Gen-Z प्रोटेस्ट में दोषी पाए गए तत्वों पर कठोर कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन में कांग्रेस के नेता भी शामिल हुए।


कांग्रेस ने कुलगुरु से की बहस

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि ABVP के छात्र नेताओं ने नेपाल की तर्ज पर Gen-Z आंदोलन की साजिश रची। फर्जी ट्विटर अकाउंट बनवाकर प्रथम वर्ष के छात्रों को उकसाया गया। एंटी रैगिंग कमेटी की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से दोषियों के नाम दर्ज हैं, फिर भी कुलगुरु ने केवल चार छात्रों पर कार्रवाई की। कांग्रेस नेताओं ने कुलगुरु से तीखी बहस करते हुए कहा कि आप भाजपा के नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय के अभिभावक हैं। यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी।


कमेटी की रिपोर्ट में खुलासा

DAVV की एंटी रैगिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया कि सीनियर छात्रों ने प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों पर फर्जी ईमेल आईडी और सोशल मीडिया अकाउंट बनाने का दबाव बनाया। सीनियर्स ने छात्रों से विशेष हैशटैग वायरल करने और विरोध करने पर बैच आउट करने की धमकी दी थी। इस रिपोर्ट ने पूरे विश्वविद्यालय प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है

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