पानसेमल: श्री राम जिनिंग में 50 किलो वजन गड़बड़ी का खुलासा, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
श्री राम जिनिंग के तोल कांटे में भारी गड़बड़ी पकड़ी गई, तहसीलदार सुनील सिसोदिया ने मौके पर ही कांटा सील कर विस्तृत जांच के निर्देश दिए। किसान सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए पूरी रात मौके पर डटे रहे।

पानसेमल क्षेत्र की एक जिनिंग यूनिट में मक्का तौल में भारी गड़बड़ी उजागर होने के बाद प्रशासन ने संबंधित तोल कांटे को सील कर दिया। शिकायत के बाद जांच अधूरी रहने पर किसानों और सामाजिक संगठनों ने रातभर मौके पर रुककर कांटे की सुरक्षा की। व्यापक जांच की मांग बढ़ गई है।
पानसेमल (जिला बड़वानी)। तहसील पानसेमल स्थित श्री राम जिनिंग के तोल कांटे में गंभीर गड़बड़ी सामने आने के बाद मंगलवार को प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कांटे को सील कर दिया। किसानों ने आरोप लगाया था कि मक्का का वजन हर बार लगभग 50 किलो तक कम दर्ज किया जा रहा था, जबकि अन्य स्थानों पर वजन सामान्य निकल रहा था।
किसानों का कहना है कि लंबे समय से इस प्रकार की आशंका बनी हुई थी। उन्होंने बताया कि जिनिंग के कांटे पर हर तौल में लगभग 50 किलो की कमी दर्ज हो रही थी, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। कई किसानों ने यह भी कहा कि इस प्रकार की गड़बड़ी वर्षों से हो रही है और इलाके की सभी जिनिंग यूनिट्स की जांच आवश्यक है।
हीरा ठाकुर द्वारा गड़बड़ी की पुष्टि
ग्राम मत्राला के किसान हीरा ठाकुर ने बताया कि उनके द्वारा तौले गए मक्का का वजन भी 50 किलो कम दिखाया गया। जब उन्होंने इसका कारण पूछा, तो उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिला। हीरा ठाकुर ने कहा कि “हर जिनिंग फैक्ट्री में लगे कांटों की जांच जरूरी है। पता नहीं कब से किसान नुकसान झेल रहे हैं।”
मामले की जानकारी मिलते ही सामाजिक संगठन जिनिंग परिसर पहुंचे और विरोध दर्ज कराया। विवाद बढ़ने पर तहसीलदार सुनील सिसोदिया और मंडी सचिव मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया।
रात होने से जांच अधूरी — किसानों ने की रातभर रखवाली
जांच देर रात तक जारी रही, लेकिन अंधेरा बढ़ने के कारण और तकनीकी सीमाओं के चलते जांच पूरी नहीं हो सकी। इस दौरान किसानों को आशंका रही कि रात में कांटे में छेड़छाड़ हो सकती है। इसलिए किसानों और सामाजिक संगठनों ने मिलकर पूरी रात जिनिंग परिसर में रुककर कांटे की सुरक्षा की।
तहसीलदार द्वारा कांटा सील — आगे की विस्तृत जांच जारी
तहसीलदार सुनील सिसोदिया ने मौके पर ही तोल कांटे की जांच की। प्रारंभिक पुष्टि के बाद उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए कांटे को सील कर दिया और विस्तृत जांच के निर्देश दिए। किसानों ने कहा कि “आज एक किसान तो बच गया, लेकिन पता नहीं कितने लोग वर्षों से ठगे जा रहे होंगे। सभी जिनिंग यूनिट्स और उनके कांटों की व्यापक जांच की जानी चाहिए।



