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सेंधवा; छापे में नहीं मिली शराब, ग्रामीणों ने आबकारी टीम का किया घेराव, मुखबिर की पहचान को लेकर बढ़ा विवाद, अधिकारी ने निकाली रिवॉल्वर, ग्रामीण बोले क्या हम आतंकवादी है

ग्राम मोरदड में अवैध शराब की सूचना पर पहुंची टीम, बहस और घेराव के बाद पुलिस ने कराया मामला शांत।

सेंधवा। रमन बोरखड़े। सेंधवा अंचल के ग्राम मोरदड में अवैध शराब की सूचना पर पहुंची आबकारी टीम को ग्रामीणों ने घेर लिया। कार्रवाई के दौरान तीखी बहस हुई और अधिकारी द्वारा सर्विस रिवॉल्वर हाथ में लिए जाने पर विवाद बढ़ गया। बाद में पुलिस ने पहुंचकर स्थिति शांत कराई।

सेंधवा के ग्राम पंचायत मोरदड में 21 नवंबर को अवैध शराब की सूचना पर गई आबकारी टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। दबिश के दौरान स्थिति तनावपूर्ण होने पर आबकारी अधिकारी ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर हाथ में ले ली, जिसे ग्रामीणों ने लेकर आपत्ति जताई।

कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की गई थी। आबकारी उप निरीक्षक केएस मांगोदिया, आरक्षक सुदेश आचार्य और दो मुखबिर मौके पर पहुंचे थे। टीम ने एक घर की तलाशी ली, लेकिन वहां किसी प्रकार की अवैध शराब या संदेहास्पद गतिविधि नहीं मिली। इसी बीच आसपास मौजूद कुछ ग्रामीणों ने दबिश पर विरोध जताना शुरू कर दिया।

मुखबिर की पहचान की मांग पर बढ़ा तनाव
तलाशी पूरी होने के बाद ग्रामीणों ने आबकारी टीम से मुखबिर की पहचान उजागर करने की मांग की। इस मांग पर बहस शुरू हो गई, जो लगभग आधे घंटे तक चली। इसी दौरान एक वीडियो भी सामने आया जिसमें आरक्षक सुदेश आचार्य ग्रामीणों से बहस करते दिखे। मांगोदिया ने ग्रामीणों को समझाया कि मुखबिर की सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी है और कार्रवाई उसी आधार पर की जाती है।

अधिकारी के हाथ में रिवॉल्वर, ग्रामीण बोले क्या हम आतंकवादी है

विवाद के दौरान केएस मांगोदिया के हाथ में सर्विस रिवॉल्वर होने पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए। उनका कहना था कि ऐसी स्थिति में हथियार का हाथ में होना अनावश्यक तनाव बढ़ाता है। हालांकि मांगोदिया ने बताया कि भीड़ के आक्रामक होने और वाहन को घेर लेने की स्थिति ने खतरा बढ़ा दिया था, इसलिए उन्होंने एहतियात के तौर पर हथियार हाथ में लिया। मैने किसी के उपर रिवाल्वर को ताना या लहराया नहीं गया।

पुलिस ने पहुंचकर शांत कराया मामला

विवाद बढ़ने की सूचना पर ग्रामीण थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों से चर्चा कर स्थिति को शांत कराया। घटना को लेकर किसी भी पक्ष ने थाने में लिखित शिकायत नहीं दी है। पुलिस ने मामले को शांति व्यवस्था की दृष्टि से संभाला।

मौके पर अवैध शराब नहीं मिली

उप निरीक्षक केएस मांगोदिया ने कहा कि मुखबिर से सूचना मिलने पर दबिश दी गई थी, लेकिन मौके पर अवैध शराब नहीं मिली। उन्होंने बताया कि ग्रामीण आक्रोशित होकर मुखबिर की पहचान की मांग कर रहे थे और वाहन को घेर लिया था, जिससे स्थिति बिगड़ सकती थी। समझाइश के बाद टीम वहां से रवाना हुई।

 

 

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