राजपुर: मोटरसायकल चोर गिरोह का पर्दाफाश, पांच चोरी की बाइक बरामद, भीड़भाड़ वाले इलाकों में चोरी, पुलिस ने ऐसे दबोचे आरोपी
अलग-अलग स्थानों से हुई बाइक चोरियों का खुलासा, तीन लाख की संपत्ति जब्त

जनोदय पंच, राजपुर।लगातार हो रही मोटरसायकल चोरी की घटनाओं के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान चोरी की गई पांच मोटरसायकल बरामद की गईं। मामले में दर्ज अपराधों के आधार पर वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया।
लगातार चोरियों के बाद तेज हुई कार्रवाई
थाना राजपुर क्षेत्र के कस्बा राजपुर में पलसुद रोड एटीएम के पास, सरकारी जिम के सामने, मीना बाजार, जुलवानीया रोड कियोस्क के सामने और एसबीआई बैंक के पास से मोटरसायकल चोरी की अलग-अलग घटनाएं सामने आई थीं। इन मामलों में फरियादियों की रिपोर्ट पर थाना राजपुर में अपराध क्रमांक 315/23 धारा 379 भादवि, 787/25, 788/25, 793/25 और 794/25 धारा 303(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
सीसीटीवी फुटेज से सामने आया चोरी का तरीका
वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक बड़वानी जगदीश डावर के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर और प्रभारी डीएसपी महेश सुनैया के मार्गदर्शन में थाना राजपुर प्रभारी निरीक्षक विक्रमसिंह बामनीया के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, जिसमें सामने आया कि आरोपी पहले मोटरसायकल को धक्का देकर दूर ले जाते थे, फिर बिना चाबी डायरेक्ट स्टार्ट कर चोरी को अंजाम देते थे।
दो आरोपी गिरफ्तार, पांच बाइक बरामद
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दिलीप पिता मला मेवाडे जाति भील, उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम गवला थाना नागलवाड़ी और शाहरुख पिता नत्थु मण्डलोई जाति भील, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम गवला थाना नागलवाड़ी की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों की निशानदेही पर डीलक्स और स्प्लेंडर मॉडल की कुल पांच चोरी की मोटरसायकल बरामद की गईं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग तीन लाख रुपये बताई गई।
टीम की भूमिका और न्यायालय में पेशी
बरामद मोटरसायकलों में डीलक्स और स्प्लेंडर वाहन शामिल हैं, जिन्हें अलग-अलग स्थानों से चोरी किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों दिलीप और शाहरुख को माननीय न्यायालय राजपुर में पेश किया गया। इस कार्रवाई में निरीक्षक विक्रमसिंह बामनीया, उप निरीक्षक गजेन्द्रसिंह ठाकुर, सहायक उप निरीक्षक नारायण पाटीदार, पुरणसिंह मण्डलोई, कमल मीणा, राकेश सागोरे सहित प्रधान आरक्षक और आरक्षक बल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



