किसानों के हित में राज्यसभा में डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी का तारांकित प्रश्न, रुपे किसान क्रेडिट कार्ड पर केंद्रीय वित्त मंत्री ने दिया जवाब

राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने आज राज्यसभा में किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण विषय “नए रुपे किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)” के संबंध में तारांकित प्रश्न उठाते हुए सरकार से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस प्रश्न के माध्यम से उन्होंने वर्ष 2025-26 के दौरान विभिन्न राज्यों में जारी किए गए नए रुपे किसान क्रेडिट कार्डों की संख्या, उनकी ऋण सीमा तथा किसानों की आय और कृषि उत्पादकता पर इसके प्रभाव से संबंधित जानकारी मांगी।
केंद्र सरकार की ओर से वित्त मंत्री द्वारा दिए गए उत्तर में बताया गया कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से किसानों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। संशोधित ब्याज अनुदान योजना के तहत किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड पर अधिकतम 3 लाख रुपये तक की क्रेडिट लिमिट पर रियायती ब्याज दर का लाभ दिया जा रहा है।
सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार देश में कृषि क्षेत्र के लिए संस्थागत ऋण प्रवाह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2013-14 में कृषि ऋण प्रवाह 7.30 लाख करोड़ रुपये था, जो बढ़कर वर्ष 2024-25 में 28.67 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इसी प्रकार किसान क्रेडिट कार्ड खातों की संख्या भी 6.46 करोड़ से बढ़कर 7.72 करोड़ तक पहुंच गई है।
नाबार्ड के सर्वेक्षण के अनुसार ग्रामीण परिवारों की औसत मासिक आय में भी वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2016-17 में ग्रामीण परिवारों की औसत आय 8,059 रुपये थी, जो बढ़कर 2021-22 में 12,698 रुपये हो गई। साथ ही संस्थागत स्रोतों से ऋण लेने वाले कृषि परिवारों की संख्या भी 60.5 प्रतिशत से बढ़कर 75 प्रतिशत हो गई है, जिससे किसानों की अनौपचारिक ऋण स्रोतों पर निर्भरता कम हुई है।
डॉ. सोलंकी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाएं किसानों को समय पर सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराकर कृषि निवेश बढ़ाने और किसानों की आय में स्थिरता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों को संस्थागत बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना और उन्हें आसान ऋण उपलब्ध कराना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। डॉ. सोलंकी ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार की किसान हितैषी नीतियों से देश के किसानों को व्यापक लाभ मिलेगा और कृषि क्षेत्र को नई मजबूती प्राप्त होगी।



