सेंधवा के गेरूघाटी में 21 जनवरी को आदिवासी अधिकार सम्मेलन, जीतू पटवारी और उमंग सिंधार होंगे शामिल, जनसंपर्क विधायक कार्यालय का होगा उद्घाटन
वरला तहसील के आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, विकास और लंबित मुद्दों को लेकर विशाल जनसभा आयोजित

रमन बोरखड़े। सेंधवा। सेंधवा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गेरूघाटी में 21 जनवरी को आदिवासी अधिकार सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंधार उपस्थित रहेंगे। इस दौरान जनसंपर्क विधायक कार्यालय का उद्घाटन और विशाल जनसभा आयोजित होगी।
गेरूघाटी में होगा भव्य आदिवासी अधिकार सम्मेलन
सेंधवा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गेरूघाटी में 21 जनवरी को आदिवासी अधिकार सम्मेलन का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी एवं माननीय नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंधार विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान जनसंपर्क विधायक कार्यालय का उद्घाटन किया जाएगा, जिसके उपरांत दोनों नेता विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे।
वरला तहसील के आदिवासी मुद्दों पर केंद्रित सम्मेलन
यह सम्मेलन सेंधवा विधानसभा की पिछड़ी एवं वर्षों से उपेक्षित वरला तहसील के आदिवासी समाज को उनके संवैधानिक हक-अधिकार, सम्मान और समान विकास दिलाने की लड़ाई का सशक्त मंच है। वर्षों से बुनियादी सुविधाओं से वंचित आदिवासी अंचल की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से सम्मेलन का आयोजन किया गया है।
लंबित वन अधिकार पट्टे और नर्मदा जल योजना प्रमुख मुद्दा
जनसभा में वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत 8000 से अधिक लंबित वन अधिकार पट्टों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा। पट्टों के अभाव में हजारों आदिवासी परिवार अपने वैधानिक और संवैधानिक अधिकारों से वंचित हैं।
इसके साथ ही वरला तहसील में नर्मदा जल योजना का लाभ सीमित ग्रामों तक ही पहुंच पाने का मुद्दा भी जनसभा में रखा जाएगा। वर्तमान में योजना का लाभ केवल 67 ग्रामों को मिल रहा है, जबकि बड़ी संख्या में आदिवासी ग्राम नर्मदा जल से वंचित हैं।
किसान, मजदूर और सामाजिक मुद्दे भी उठेंगे
सम्मेलन में किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य न मिलना, बढ़ती लागत के बावजूद समर्थन मूल्य का लाभ न मिलना, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, बेरोजगारी के कारण बढ़ता पलायन तथा मनरेगा मजदूरों को 8 से 9 माह तक मजदूरी भुगतान नहीं होने जैसे ज्वलंत मुद्दे भी उठाए जाएंगे।
मोंटू सोलंकी के नेतृत्व में ऐतिहासिक आयोजन
यह आयोजन सेंधवा विधायक मोंटू सोलंकी के नेतृत्व में वरला तहसील का अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम बताया जा रहा है। इससे पूर्व इस क्षेत्र में इस स्तर का कोई जनआंदोलन या प्रदेश स्तर के बड़े नेताओं की इतनी प्रभावी उपस्थिति नहीं रही है। क्षेत्रवासियों में सम्मेलन को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है और बड़ी संख्या में जनभागीदारी की संभावना जताई जा रही है।



