सेंधवा में गोई नदी पर नए तालाब और बैराज को हरी झंडी, विधायक के प्रयासों से सिंचाई विस्तार की बड़ी पहल, धावड़ी, पांजरिया और कुमठाना में जल संरचनाओं को मिली प्रशासनिक मंजूरी
विधानसभा में प्रस्तुत याचिका के बाद जल संसाधन विभाग ने निर्माण कार्यों को दी स्वीकृति

सेंधवा। रमन बोरखड़े। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक अहम निर्णय के तहत गोई नदी क्षेत्र में नए तालाब और बैराज निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इससे कृषि क्षेत्रों को पानी उपलब्ध होगा, वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और सिंचाई के दायरे में विस्तार होने की उम्मीद है।
विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को लेकर जल संसाधन विभाग ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विभाग ने विधानसभा में प्रस्तुत याचिका पर विचार करते हुए क्षेत्र में नए तालाब और बैराज निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से उन कृषि क्षेत्रों को लाभ मिलने की संभावना है, जहां अब तक सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। प्रशासनिक मंजूरी के बाद क्षेत्र में जल संरचनाओं के विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
प्रशासनिक स्वीकृति के अनुसार सेंधवा विधानसभा क्षेत्र के धावड़ी गांव में गोई नदी पर एक तालाब, पांजरिया गांव में एक तालाब तथा कुमठाना गांव में एक बैराज का निर्माण किया जाएगा। इन जल संरचनाओं से आसपास के खेतों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा। इससे किसानों को फसलों की सिंचाई में सुविधा मिलेगी और खेती को स्थायित्व मिलने की उम्मीद है।
पहले से बने बैराजों का मिलेगा विस्तार लाभ
जल संसाधन विभाग के अनुसार गोई नदी पर पूर्व में चिखली, घुड़चाल, गोई गांव, नकटीरानी और मेहतगांव में बैराजों का निर्माण किया जा चुका है। इन बैराजों से आसपास के कुछ गांवों को आंशिक रूप से सिंचाई का लाभ मिल रहा है। नए तालाब और बैराज बनने से सिंचाई का दायरा और विस्तृत होगा तथा उन क्षेत्रों तक भी पानी पहुंचेगा, जहां अब तक पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध नहीं थी।

वित्तीय स्वीकृति के बाद शुरू होगा कार्य
विधायक मोंटू सोलंकी ने बताया कि निर्माण कार्यों को फिलहाल प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हुई है। वित्तीय स्वीकृति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी और इसके बाद निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। तालाब और बैराज बनने से वर्षा जल का संरक्षण होगा, भूजल स्तर में सुधार आएगा और कृषि के साथ-साथ पेयजल व्यवस्था को भी लाभ मिलेगा। सिंचाई सुविधा मजबूत होने से किसान बेहतर उत्पादन कर सकेंगे।



