एम्स भोपाल से खून चोरी कर महाराष्ट्र में बेचा गया 11.72 लाख का प्लाज्मा, पुलिस ने 6 आरोपी दबोचे
महाराष्ट्र की दो निजी लैब में सप्लाई किए गए थे ब्लड प्लाज्मा पैक, पुलिस ने 1123 यूनिट बरामद कर 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार।

एम्स भोपाल ब्लड बैंक से 1150 यूनिट प्लाज्मा चोरी कर महाराष्ट्र की निजी लैब को बेचे जाने का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार कर 1123 यूनिट प्लाज्मा बरामद किया है। आरोपी 5800 रुपए प्रति लीटर में प्लाज्मा बेच रहे थे।
प्लाज्मा चोरी नेटवर्क का खुलासा
भोपाल एम्स ब्लड बैंक से खून और प्लाज्मा चोरी कर महाराष्ट्र के नासिक और औरंगाबाद की लैब तक सप्लाई करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अब तक 1150 यूनिट एफएफपी प्लाज्मा बेच चुके थे। गिरोह ने इसे 5800 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से नासिक और औरंगाबाद की दो निजी लैब को बेचा था, जहां इसका उपयोग बायोमेडिकल दवाओं के निर्माण में किया जा रहा था। एडिशनल डीसीपी गौतम सोलंकी ने बुधवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर 1123 यूनिट प्लाज्मा जब्त किया है, जिसकी कीमत 11.72 लाख रुपए बताई जा रही है।
एफआईआर से खुली चोरी की परतें
एम्स भोपाल के प्रभारी सुरक्षा अधिकारी ज्ञानेंद्र प्रसाद ने 29 सितंबर 2025 को ब्लड बैंक से प्लाज्मा चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के दौरान इंचार्ज डॉक्टर प्रतूल सिन्हा के बयान दर्ज किए गए। डॉक्टर के बयान और आवेदन के आधार पर आरोपी अंकित केलकर और एक अन्य के खिलाफ अपराध धारा 305(ए) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस ने शक के आधार पर अंकित केलकर को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपने साथियों अमित जाटव और लक्की पाठक का नाम कबूल किया। तीनों आरोपी एक-दूसरे को लाइव सेवर ब्लड बैंक भोपाल के माध्यम से जानते थे।
गिरोह की साजिश और प्लानिंग
अंकित केलकर का एम्स से जुड़ा आउटसोर्स टेंडर 30 सितंबर 2025 को खत्म होने वाला था। इसी दौरान आरोपियों ने चोरी की योजना बनाई। उन्होंने 18 से 27 सितंबर 2025 के बीच 1150 एफएफपी प्लाज्मा पैकेट चोरी करना स्वीकार किया। लक्की पाठक और उसका भाई दीपक पाठक चोरी किए गए प्लाज्मा को नासिक के श्याम बडगुजर और औरंगाबाद के करन चव्हाण को 5800 रुपए प्रति लीटर में बेचते थे। श्याम बडगुजर नंदानगर इंदौर के थैलीसीमिया ब्लड बैंक और करन चव्हाण सहयाद्री ब्लड बैंक तथा सिरपुर के स्वर्गीय मुकेश भाई पटेल ब्लड बैंक से जुड़े हैं।
प्लाज्मा के उपयोग और आरोपियों की पृष्ठभूमि
प्लाज्मा का उपयोग जले हुए मरीजों के इलाज और फार्मा कंपनियों द्वारा दवाइयां बनाने में किया जाता है। आरोपी लक्की पाठक 10वीं पास है जबकि उसका भाई दीपक पाठक 12वीं पास है और उसने विभिन्न ब्लड बैंकों में काम किया है। दीपक की पत्नी ने डीएमएलटी कोर्स किया है और वह भोपाल के लाइव सेवर ब्लड बैंक में कार्यरत थी। इन्हीं संपर्कों के चलते आरोपियों ने अलग-अलग राज्यों में ब्लड बैंकों के साथ नेटवर्क बना लिया था।
गिरफ्तार आरोपी
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अंकित केलकर, पिता अजबलाल केलकर (26), निवासी राजभवन के पास अरेरा हिल्स, भोपाल।
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अमित जाटव, पिता कमल सिंह जाटव (25), निवासी शिवाजी नगर बरखेड़ा पठानी, गोविंदपुरा, भोपाल।
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लक्की पाठक, पिता देवीप्रसाद पाठक (30), निवासी गणेश कॉलोनी बरखेड़ी कला, रातीबड़, जिला भोपाल।
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दीपक पाठक, पिता देवीप्रसाद पाठक (35), निवासी पटेल कॉलेज के सामने, रातीबड़, जिला भोपाल।
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श्याम बडगुजर, पिता सुभाष बडगुजर (27), निवासी त्रिमूर्ति चौक हनुमान मंदिर के पास, थाना अंबड, जिला सिडकू, नासिक (महाराष्ट्र), हाल पता थैलीसीमिया ब्लड बैंक, नंदानगर, इंदौर।
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करण चव्हाण, पिता सोमनाथ चव्हाण (25), निवासी ग्राम मोगरा माझल गांव, थाना दिनद्रूड़, जिला बीड, महाराष्ट्र, हाल पता गली नंबर 1, हनुमान नगर, छत्रपति संभाजीनगर, औरंगाबाद।



