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सेंधवा में राष्ट्रीय खेल दिवस पर गूंजा खेलों का संदेश, विद्यार्थियों से मोबाइल-नशे से दूर रहने की अपील

वीर बलिदानी खाज्या नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मेजर ध्यानचंद के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ कार्यक्रम, वक्ताओं ने खेलों के महत्व पर डाला प्रकाश

सेंधवा। वीर बलिदानी खाज्या नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सेंधवा में शनिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सर्वप्रथम मेजर ध्यानचंद के चित्र पर माल्यार्पण के साथ की गई। कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रभारी स्पोर्ट्स ऑफिसर प्रो शुभम वर्मा ने कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास ही नहीं, बल्कि मानसिक विकास के साथ-साथ आपके संपूर्ण व्यक्तित्व को भी दर्शाता है। इसलिए खेलना जरूरी है। उन्होंने बताया कि मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है।

मेजर ध्यानचंद के व्यक्तित्व और उपलब्धियों पर प्रकाश

प्रो इरशाद मंसूरी ने मेजर ध्यानचंद के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय हॉकी टीम को सन् 1928, 1932 एवं 1936 के ओलंपिक में लगातार तीन स्वर्ण पदक दिलवाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी असाधारण खेल प्रतिभा के कारण उन्हें भारतीय सेना में मेजर के पद पर पदोन्नत किया गया। बर्लिन ओलंपिक 1936 में उनकी अनमोल खेल दक्षता के कारण जर्मनी के तानाशाह हिटलर ने उन्हें अपने देश की नागरिकता और सेना में पद देने का प्रस्ताव दिया। परंतु उन्होंने इस प्रस्ताव को विनम्रतापूर्वक नकारते हुए अपने देश के लिए खेलना सही माना। यह उनके देश प्रेम को दर्शाता है।

मोबाइल और नशे से दूर रहकर खेलों से जुड़ने की अपील

प्रो इरशाद मंसूरी ने विद्यार्थियों से कहा कि मोबाइल और नशे से दूर रहकर खेलों में आगे बढ़ें, नियमित खेलें और ग्राउंड पर आने की आदत डालें। उन्होंने विद्यार्थियों को खेलों के प्रति सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया।

सोशल मीडिया के प्रभाव से बचने का आह्वान

प्रो जितेन्द्र सूर्यवंशी ने कहा कि परतंत्रता और असंपन्नता के बावजूद ध्यानचंद ने अपनी असाधारण प्रतिभा के दम पर ओलंपिक में गोल्ड मेडल दिलवाया और आज स्वतंत्रता और संपन्नता के बावजूद भी हम ओलंपिक में गोल्ड मेडल को तरसते हैं। उन्होंने कहा कि आज हमारे युवा सोशल मीडिया एल्गोरिथम के चुंगल में फंसकर परतंत्र होते जा रहे हैं, जिससे न तो वे खेल पा रहे हैं और न ही किसी काम को ठीक तरीके से अंजाम दे पा रहे हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आपको जागरूक रहकर ऐसी स्थिति से निकलना पड़ेगा। आपको अपने शरीर के स्वास्थ्य के लिए खेल के महत्व को समझना पड़ेगा। आज का यह दिवस आपके लिए अलार्म है, आपको खेलों से जुड़ने का। कार्यक्रम में प्रो संतोष पटेल सहित विद्यार्थी उपस्थित थे। यह जानकारी डॉ विकास पंडित ने दी।

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