सेंधवा में 25 साल बाद फिर गूंजेगा मोतीबाग चौक, जन्माष्टमी पर होगी भव्य दही हांडी प्रतियोगिता
बॉम्बे की तर्ज पर 25 से 30 फीट ऊंचाई पर बांधी जाएगी मटकी, विजेता टीम को मिलेगा 31 हजार रुपए का पुरस्कार; सुरक्षा के भी रहेंगे विशेष इंतजाम

सेंधवा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी पर्व के अवसर पर इस वर्ष मोतीबाग चौक पर वर्षों पुरानी दही हांडी एवं मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। आगामी 5 सितंबर को होने वाले इस आयोजन के माध्यम से करीब 25 वर्षों से बंद पड़ी पुरानी परंपरा को पुनः प्रारंभ किया जा रहा है। आयोजन को लेकर आयोजकों द्वारा तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता सुनील अग्रवाल ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर मोतीबाग चौक पर पूर्व में मटकी फोड़ प्रतियोगिता आयोजित की जाती थी, लेकिन पिछले लगभग 25 वर्षों से यह आयोजन बंद था। इस वर्ष पुरानी परंपरा को पुनः जीवित करते हुए मोतीबाग चौक पर बॉम्बे की तर्ज पर भव्य दही हांडी उत्सव एवं मटकी फोड़ प्रतियोगिता आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

धार्मिक आस्था के साथ युवा पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का प्रयास
अग्रवाल ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं, बल्कि सनातन धार्मिक आस्था को मजबूत करना और युवा पीढ़ी को भगवान श्रीकृष्ण की जन्माष्टमी एवं हमारी पारंपरिक संस्कृति से जोड़ना भी है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले दलों के लिए पूर्व पंजीयन अनिवार्य रहेगा। इच्छुक प्रतिभागी समय रहते अपना पंजीयन कराकर प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकेंगे।
25 से 30 फीट ऊंचाई पर बांधी जाएगी मटकी
प्रतियोगिता के संयोजक विवेक तिवारी ने बताया कि मटकी को जमीन से लगभग 25 से 30 फीट की ऊंचाई पर बांधा जाएगा। प्रतिभागी मानव पिरामिड बनाकर एक-दूसरे के कंधों पर चढ़ते हुए मटकी तक पहुंचेंगे और उसे फोड़ने का प्रयास करेंगे। मटकी फोड़ने वाली विजेता टीम को 31 हजार रुपए का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आयोजन के समय परिस्थितियों एवं सहयोग के अनुसार पुरस्कार राशि में वृद्धि भी की जा सकती है।
तिवारी ने कहा कि लंबे समय बाद आयोजित होने जा रहे इस आयोजन को लेकर लोगों में उत्साह है। जन्माष्टमी के अवसर पर होने वाला यह आयोजन शहरवासियों के लिए धार्मिक आस्था के साथ-साथ पारंपरिक और सामूहिक मनोरंजन का भी माध्यम बनेगा।
सुरक्षा के रहेंगे विशेष इंतजाम
आयोजन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयोजन से जुड़े छोटू चौधरी ने बताया कि मटकी फोड़ प्रतियोगिता के दौरान सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे। प्रतिभागियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी तथा मटकी फोड़ने वाले अंतिम व्यक्ति के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि आयोजन को व्यवस्थित एवं सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी।
उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर आयोजन का आनंद लें और पुरानी परंपरा को पुनः जीवित करने में सहयोग करें।
शहरवासियों में उत्साह, तैयारियां अंतिम चरण में
करीब ढाई दशक बाद मोतीबाग चौक पर पुनः दही हांडी एवं मटकी फोड़ प्रतियोगिता आयोजित होने से शहरवासियों, युवाओं और धार्मिक आयोजनों से जुड़े लोगों में उत्साह का माहौल है। आयोजकों ने मोतीबाग चौक के कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर कार्ययोजना बनाई। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन सनातन परंपरा, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा देने वाला साबित होगा।
जन्माष्टमी के दिन मोतीबाग चौक पर होने वाले इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। आयोजकों द्वारा प्रतियोगिता में भाग लेने वाले दलों के पंजीयन सहित आयोजन की अन्य तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।



