पाटी विकासखंड के 50 किसान नवाचार के रूप में करेंगे चिया सीड की खेती
नैशनल मिशन ऑन नैचुरल फार्मिंग अंतर्गत कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक संपन्न

बड़वानी; कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय बड़वानी के सभागार में नैशनल मिशन ऑन नैचुरल फार्मिंग के अंतर्गत जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी (डीएलएमसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्री रवि वर्मा सहित कृषि, उद्यानिकी, सहकारिता, पशुपालन एवं अन्य संबंधित विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती सिंह ने जिले में प्राकृतिक खेती के रकबे को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने पूर्व निर्धारित 5,000 हेक्टेयर के लक्ष्य को विस्तारित कर 20,000 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती कराने के निर्देश दिए। साथ ही, किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक और प्रोत्साहित करने के लिए जिले में हर सप्ताह प्रति सोमवार और मंगलवार को कृषि संगोष्ठी आयोजित करने के निर्देश दिए।

कृषि सखियों का चयन पूर्ण, हैंड-होल्डिंग सपोर्ट के साथ मिलेगा मानदेय
उप संचालक कृषि द्वारा बैठक में अवगत कराया गया कि प्राकृतिक खेती को जमीनी स्तर पर गति देने के लिए स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों की अनुभवी सदस्यों में से कृषि सखियों की चयन प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। ये कृषि सखियां किसानों को खेत पर जाकर व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं हैंड-होल्डिंग सहायता प्रदान करेंगी।प्रति माह 16 दिवस के कार्य के आधार पर कृषि सखियों को ₹5,000/- का मानदेय दिया जाएगा। नवीन मोबाइल डिवाइस क्रय करने हेतु ₹4,000/- की प्रोत्साहन राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में अंतरित की जाएगी।
नवाचार और नए फसलों का विस्तार
उद्यानिकी विभाग को निर्देश दिए गए कि वे किसानों को कृषक उत्पादक संगठनों से संगठित करें। बैठक में जिले के अंतर्गत किए जा रहे विभिन्न नवाचारों पर चर्चा की गई। पाटी ब्लॉक के 50 किसानों का चयन किया गया है, प्रति कृषक 0.40 एकड़ क्षेत्र में चिया सीड की प्रायोगिक खेती करेंगे। जिले में ड्रैगन फ्रूट, अश्वगंधा, मशरूम, कश्मीरी बेर, सीताफल और शकरकंद जैसी फसलों को नवाचार के रूप में बढ़ावा दिया जाएगा। जिले के विशिष्ट उत्पादों के जीआई टैग पंजीयन को लेकर भी विस्तृत रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ।
सीसीआई पंजीयन एवं रबी सीजन की तैयारियां
कलेक्टर ने कॉटन कॉर्पाेरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) के शुरू हो रहे पंजीयन का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ ले सकें। इसके अतिरिक्त, आगामी रबी सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिले में उर्वरक एवं उन्नत बीजों की उपलब्धता और मांग इत्यादि की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिये गए।


