इंदौर; एरोड्रम में क्रिप्टो करेंसी निवेश के नाम पर 17.84 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, 10 आरोपी गिरफ्तार
म्यूल अकाउंट के जरिए ठगी की रकम के लेनदेन का आरोप, सात आरोपी जेल में और तीन सात दिन की पुलिस रिमांड पर

जनोदय पंच। इंदौर एरोड्रम थाना पुलिस ने क्रिप्टो करेंसी इन्वेस्टमेंट के नाम पर हुई 17 लाख 84 हजार रुपए की साइबर ठगी की जांच में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम के लेनदेन और निकासी के लिए किया।
हेल्पलाइन और एनसीआरपी पोर्टल से मिली शिकायत
एरोड्रम थाना पुलिस को 1930 हेल्पलाइन और एनसीआरपी पोर्टल के जरिए क्रिप्टो करेंसी इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी की शिकायत मिली थी। फरियादी नितेश ने पुलिस को बताया कि इन्वेस्टमेंट के नाम पर उससे करीब 17 लाख 84 हजार रुपए ले लिए गए। रकम लेने के बाद आरोपियों ने उसका फोन ब्लॉक कर दिया।
बैंक खातों की जांच में सामने आया नेटवर्क
शिकायत की जांच के दौरान पुलिस ने उन बैंक खातों की जानकारी जुटाई, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर हुई थी। पुलिस के मुताबिक बैंक खातों की जांच में कई लोगों के संगठित होकर साइबर ठगी करने का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार आरोपी दूसरे लोगों के बैंक खातों को म्यूल अकाउंट के तौर पर इस्तेमाल करते थे।
10 आरोपियों को बनाया गया आरोपी
जांच के बाद पुलिस ने संदीप पिता जगदीश सिसोदिया, सन्नी पिता विजय जाटव, आलोक पिता विजय द्विवेदी, भावेश पिता राजेश पारगी, आदित्य पिता मोहन पाण्डेय, साहिल पिता उदय पंवार, नितेश खेड़ेकर, जयवर्धन पिता जितेन्द्र सिंह भदौरिया, प्रदीप पिता भय्यू लोधी और राजेन्द्र पिता भगवान सिंह राजपूत को आरोपी बनाया है।
सात आरोपी जेल में, तीन पुलिस रिमांड पर
मामले में अब तक सात आरोपी जेल में निरुद्ध हैं, जबकि तीन आरोपियों को न्यायालय ने सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर इस गिरोह से जुड़े दूसरे लोगों, बैंक खातों और ठगी की रकम के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
फोकस कीवर्ड: एरोड्रम साइबर ठगी


