पाटी में हत्या के तीन आरोपियों को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास, 25-25 हजार रुपये का जुर्माना
विशेष न्यायालय ने हत्या के मामले में मनीष, विरेन्द्र और रणछोड़ को दोषी ठहराया, प्रशासन ने प्रकरण को जघन्य एवं सनसनीखेज मामलों में किया था चिन्हित

जनोदय पंच। बड़वानी जिले के पाटी क्षेत्र में हत्या के मामले में विशेष न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। प्रशासन ने प्रकरण को चिन्हित जघन्य एवं सनसनीखेज मामलों में शामिल किया था।
पत्ते खेलने के दौरान 100 रुपये को लेकर हुआ विवाद
न्यायालय विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटीज एक्ट) बड़वानी लीलाधर सोलंकी ने अपने फैसले में आरोपी मनीष पिता काशीराम सोलंकी, आयु 24 वर्ष, विरेन्द्र पिता सखाराम सोलंकी, आयु 20 वर्ष और रणछोड़ पिता अम्बाराम, आयु 23 वर्ष, निवासी पटेल फलिया पाटी को धारा 105 बीएनएस के तहत दोषी पाया।

उपनिदेशक अभियोजन महेश पटेल जिला बड़वानी ने बताया कि फरियादी किताराम के अनुसार 29 मार्च 2026 की रात करीब 12:30 बजे वह गंधावल रोड स्थित टंटनेश्वर महादेव मंदिर के सामने छबानिया के खेत में फुलसिंग के साथ पत्ते खेलने गया था। किताराम और लोकेश भी उसके साथ गए थे। वहां आरोपी मनीष, विरेन्द्र और रणछोड़ भी पत्ते खेल रहे थे।
रुपये वापस मांगने पर मारपीट का आरोप
बताया गया कि पत्ते खेलने के लिए आरोपी मनीष ने फुलसिंग से 100 रुपये उधार मांगे थे, जो फुलसिंग ने उसे दे दिए। करीब एक घंटे बाद रात 1:30 बजे फुलसिंग ने मनीष से अपने 100 रुपये वापस मांगे। आरोप है कि मनीष ने रुपये देने से मना कर दिया और दुर्व्यवहार करने लगा। इसके बाद आरोपी मनीष, रणछोड़ और विरेन्द्र ने फुलसिंग के साथ लात-घूंसों से मारपीट की।
मौके पर मौजूद किताराम और लोकेश ने बीच-बचाव कर झगड़ा छुड़ाया। मारपीट के कारण फुलसिंग के शरीर के कई अंगों पर चोट लगने से दर्द हो रहा था। इसके बाद किताराम और लोकेश फुलसिंग को लेकर घर आ गए और घटना की जानकारी काका मोहन को दी।
सुबह घर पहुंचने पर मृत मिला फुलसिंग
अभियोजन के अनुसार, सुबह करीब 4 बजे काका मोहन किताराम के घर पहुंचे और बताया कि फुलसिंग के सीने, पेट और मुंह में दर्द हो रहा है। इसके बाद वे फुलसिंग के पास पहुंचे तो वह मृत मिला।
फुलसिंग की मौत के बाद मोहल्ले के लोग और रिश्तेदार एकत्र हुए। इसके बाद गांव के पूर्व सरपंच सुरला सोलंकी, पांडिया सोलंकी और भाका सोलंकी को घटना की जानकारी देकर साथ लिया गया और पाटी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपी दोषी
पाटी थाने में अपराध क्रमांक 96/2025 के तहत धारा 296(इ), 103(1) और 3(5) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान पूर्ण किया गया। इसके बाद न्यायालय के समक्ष चालान प्रस्तुत किया गया। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्षियों की साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने आरोपीगण को धारा 105 बीएनएस में दोषी पाया।
न्यायालय ने मनीष, विरेन्द्र और रणछोड़ को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण की लगातार मॉनिटरिंग पुलिस अधीक्षक द्वारा की जा रही थी। अभियोजन की ओर से पैरवी जगदीश यादव, अपर लोक अभियोजन, जिला बड़वानी ने की।



