आगामी त्योहारों के मद्देनजर बड़वानी जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू
जुलूस व प्रदर्शन के लिए अनुमति अनिवार्य, अत्यधिक तेज ध्वनि में डी.जे. एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रहेगा प्रतिबंध

बड़वानी; आगामी त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान शांति, कानून-व्यवस्था तथा लोक सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती जयति सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से पूरे बड़वानी जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा में लागू रहेगा।
आगामी दिनों में 11 सितंबर को स्नानदान श्राद्ध अमावस्या, 14 सितंबर को गणेश चतुर्दशी/ गणेश प्रतिमा स्थापना, 22 सितंबर को डोल ग्यारस, 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी/ गणेश प्रतिमा विसर्जन, 26 सितंबर को स्नानदान पूर्णिमा, 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती, 10 अक्टूबर को पितृ मोक्ष अमावस्या, 11 अक्टूबर को नवरात्रा प्रारम्भ, 18 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी, 20 अक्टूबर को दशहरा, 20 एवं 21 अक्टूबर को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन, 25 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा, 26 अक्टूबर को वाल्मीकि जयंती आदि त्योहारों को दृष्टिगत रखते हुए तथा पुलिस अधीक्षक बड़वानी प्राप्त प्रतिवेदन अवलोकन उपरांत कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा संपूर्ण जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये गए हैं।

आदेश के प्रमुख बिंदु
1. धार्मिक आयोजनों एवं जुलूसों आदि में अत्यधिक तेज ध्वनि में डीजे का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। धार्मिक स्थलो एवं अन्य स्थलो में ध्वनि विस्तार यंत्रो के अनियत्रिंत एवं नियम विरूद्ध प्रयोग नियंत्रण हेतु शासन द्वारा निर्धारित ध्वनि तीव्रता मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।
2. जिले में किसी भी संगठन द्वारा धरना, प्रदर्शन, जुलूस या रैली के आयोजन से पूर्व संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी राजस्व से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
3. पुलिस अभिमत के साथ आवेदन आयोजन से कम से कम 48 घंटे पूर्व और बिना पुलिस अभिमत के कम से कम 72 घंटे पूर्व प्रस्तुत करना होगा। आयोजको को पूरे कार्यक्रम की वीडियोग्राफी करानी होगी तथा कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं हिंसा रहित हो यह उत्तरदायित्व आयोजक संस्था का होगा।
4. आदेश का उल्लंघन करने पर दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 तथा अन्य सुसंगत कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।



