सेंधवा में एक करोड़ की लागत से भव्य निंबार्क द्वार का लोकार्पण, सेंधवा में धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बना निंबार्क द्वार
पुराने एबी रोड पीपलधार पर निर्मित प्रवेश द्वार का लोकार्पण धार्मिक अवसर पर संपन्न

सेंधवा। रमन बोरखड़े। नगर के सौंदर्यीकरण और पहचान को सशक्त करने के उद्देश्य से प्रमुख मार्ग पर एक भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण किया गया है। यह द्वार धार्मिक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और नगर की पहचान को रेखांकित करता है तथा रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था से विशेष आकर्षण प्रस्तुत करेगा।
नगर सौंदर्यीकरण की दिशा में पहल
सेंधवा नगर पालिका द्वारा पुराने एबी रोड पीपलधार पर निर्मित निंबार्क द्वार का सोमवार को लोकार्पण किया गया। इस भव्य प्रवेश द्वार के निर्माण पर लगभग एक करोड़ रुपए की लागत आई है। द्वार का लोकार्पण निंबार्काचार्य श्रीजी महाराज श्यामशरण देवाचार्य सलेमाबाद द्वारा किया गया।

लोकार्पण अवसर पर नपा अध्यक्ष बसंती बाई यादव, भाजपा नेता संजय यादव, नपा उपाध्यक्ष मोहन जोशी, सहित नगर पालिका के पार्षद, जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम को धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा के साथ संपन्न किया गया।
परंपरा के अनुसार रखा गया नाम
नगर पालिका सीएमओ मधु चौधरी ने बताया कि नगर के प्रमुख मार्गों पर प्रवेश द्वारों का निर्माण परिषद के प्रस्ताव और नपा अध्यक्ष बसंती बाई यादव के निर्देश पर किया जा रहा है। पुराने एबी रोड पर बने इस द्वार का नाम निंबार्काचार्य परंपरा के महान संत श्रीजी महाराज श्री श्यामशरण देवाचार्य सलेमाबाद के नाम पर “श्री निंबार्क द्वार” रखा गया है।

लोकार्पण कार्यक्रम निंबार्काचार्य पीठाधीश्वर श्री राधासर्वेश्वर शरणदेवाचार्य श्री श्रीजी महाराज की निकुंज प्रवेश तिथि के पावन अवसर पर संपन्न हुआ, जिससे आयोजन को विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व प्राप्त हुआ।
शिल्प और प्रकाश व्यवस्था बनी आकर्षण
प्रवेश द्वार को आकर्षक स्वरूप देने के लिए विशेष आधुनिक लाइटिंग की गई है, जिससे रात्रि में इसकी भव्यता और अधिक निखरेगी। निर्माण में राजस्थान के धौलपुर के विशेष लाल पत्थरों का उपयोग किया गया है। नक्काशी और निर्माण कार्य राजस्थान के कारीगरों द्वारा किया गया है।
यह द्वार नगर में प्रवेश करने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। साथ ही यह सेंधवा की धार्मिक, सांस्कृतिक और वैष्णव परंपरा की पहचान के रूप में स्थापित होगा। यह प्रवेश द्वार सेंधवा शहर के साथ-साथ पूरे निमाड़ क्षेत्र की पहचान को भी सुदृढ़ करेगा।




