खरगोन-बड़वानी

बड़वानी: महाविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य पर ऑनलाइन प्रशिक्षण, विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को दिए जरूरी मार्गदर्शन

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत डॉ. जे.पी. अग्रवाल ने यूट्यूब माध्यम से दिया प्रशिक्षण, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर जोर

बड़वानी ; शासकीय आदर्श महाविद्यालय बड़वानी में आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्राचार्य डॉ.प्रमोद पंडित के मार्गदर्शन में महाविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण गतिविधियां आयोजित होती है। किसी कड़ी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत मानसिक स्वास्थ्य भोपाल के द्वारा सुप्रसिद्ध प्रशिक्षक डॉ. जे.पी. अग्रवाल द्वारा मानसिक स्वास्थ्य पर ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया।

यह प्रशिक्षण यूट्यूब प्लेटफार्म के माध्यम से आयोजित किया गया जिस महाविद्यालय के मानसिक स्वास्थ्य के नोडल काउंसलर और सदस्यों को जोड़कर प्रशिक्षण लिया गया। प्राचार्य ने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षक विद्यार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण देने में सक्षम है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. जेपी अग्रवाल ने कहा मानसिक स्वास्थ्य की पहचान करना आवश्यक है यह खराब कैसे होता है उसे कैसे समझ सकते हैं ऐसा वातावरण निर्मित करें कि जिससे मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याएं विद्यार्थियों में ना हो। मानसिक स्वास्थ्य हमारी भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक संबंध और उसे समझने की क्षमता अच्छी है तो एक अच्छे मानसिक स्वास्थ्य की पहचान है। आज हर 10 में से एक व्यक्ति डिप्रेशन तनाव और अनिद्रा का शिकार है।उसका व्यवहार और असामान्य सा लगने लग जाता है। कई बार शरीर से स्वस्थ होने पर भी मानसिक रूप से अस्वस्थ होता है। इसकी पहचान करना आवश्यक है यह धीरे-धीरे मेंटल हेल्थ संबंधी समस्याएं उत्पन्न करता है जिस प्रकार से देश भर में युवा विद्यार्थियों में आत्महत्या जैसी घटनाएं बढ़ रही है उन्हें हर स्तर पर रोकना आवश्यक है। परिवार संस्था के माध्यम से इस पर प्रभावी रूप से रोक लगा सकते हैं। बिना किसी कारण से भी उदासी तनाव बन जाता है यह भी एक मानसिक रोग का लक्षण है। परिवार के लोगों के साथ जाने में मना करना। नशा करने लग जाते हैं। अंतर्मुखी हो जाते हैं। दोस्तों और परिवारों से दूर रहना। ऊर्जा हीन होना हमेशा थकान महसूस होना खान-पान की आदतों में बदलाव होना। प्रत्येक व्यक्ति को किसी ने किसी प्रकार से प्रतिदिन कोई ना कोई तनाव है लेकिन इस तनाव से बचने के लिए निर्णय प्रक्रिया को ठीक करना, आत्मविश्वास बनाना अपने स्वास्थ्य को ठीक रखना बातचीत करना। संवाद बनाए रखना यह मानसिक स्वास्थ्य को अच्छा रखने में बहुत मदद करता है।

महाविद्यालय के मेंटल हेल्थ क्लब के प्रभारी डॉक्टर दिनेश पाटीदार ने प्रशिक्षण के बाद कहा की यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के निराकरण में बहुत सहयोगी सिद्ध होता है। स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन के जिला नोडल के द्वारा इस प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को जोड़कर उन्हें इस प्रकार के मानसिक रोग जो किसी ने किसी तनाव से उत्पन्न हो रहे हैं। उन्हें दूर करने हेतु प्रेरक है। सह प्रभारी डॉ. लखन परमार ने प्रशिक्षण को बहुत ही प्रभावी और प्रेरक बताया। कहा की यह प्रशिक्षण हमारे ज्ञानवर्धन और हमारी समझ को विकसित करने में उपयोगी सिद्ध होगा। इस प्रशिक्षण को महाविद्यालय के मनो चिकित्सा काउंसलर के रूप में डॉ. मनीष मालवीय पीजी महाविद्यालय से डॉ.स्वीटी शर्मा डॉ.विनय गोरे के द्वारा भी ऑनलाइन सुना गया जो की आने वाले समय में महाविद्यालय में विद्यार्थियों को इस संबंध में देंगे। रासेयो कार्यक्रम अधिकारी प्रो.मुवेल भी उपस्थित रहे

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