सीधी में बुजुर्ग की पीठ पर सवार पटवारी निलंबित, वायरल वीडियो के बाद प्रशासन ने की कार्रवाई
जनसुनवाई में शिकायत के बाद जांच शुरू, सेवा शुल्क के नाम पर राशि मांगने के आरोप भी जांच के दायरे में

जनोदय पंच। सीधी जिले के ग्राम माटा में बुजुर्ग की पीठ पर सवार होकर पानी से भरा रास्ता पार करने का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की। ग्रामीणों की शिकायत पर पटवारी को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी।
वायरल वीडियो के बाद सामने आया मामला
गोपद बनास तहसील के ग्राम माटा में हल्का पटवारी नीलेश नामदेव का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में 65 वर्षीय बुजुर्ग ललबा केवट कीचड़ और पानी के बीच झुकी कमर के साथ चलते दिखाई दे रहे हैं, जबकि जूते पहने पटवारी उनकी पीठ पर सवार नजर आ रहे हैं। बताया गया कि कुछ कदम के पानी भरे हिस्से को पार करने के लिए पटवारी ने बुजुर्ग की पीठ का सहारा लिया।
वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने घटना को अपमानजनक और अमानवीय व्यवहार बताया।
जनसुनवाई में शिकायत के बाद जांच शुरू
मामले को लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। कलेक्टर विकास मिश्रा के निर्देश पर अपर कलेक्टर बीपी पांडेय गांव पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं।
पटवारी को तत्काल प्रभाव से किया निलंबित
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गोपद बनास प्रिया पाठक ने हल्का माटा के पटवारी नीलेश नामदेव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए। प्रशासन के अनुसार, प्रथमदृष्टया पटवारी का व्यवहार असंवेदनशील और अपमानजनक पाया गया है। मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सेवा शुल्क के नाम पर राशि मांगने के आरोप भी जांच में
ग्रामीणों ने जनसुनवाई के दौरान पटवारी पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। शिकायत में कहा गया कि शासकीय पट्टा, पीएम किसान सम्मान निधि, जाति प्रमाण पत्र और जन्म प्रमाण पत्र सहित अन्य कार्यों के लिए सेवा शुल्क के नाम पर राशि मांगी जाती थी। वायरल वीडियो के बाद सामने आए इन आरोपों को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है।
पुराने वीडियो के दोबारा वायरल होने पर कार्रवाई
बताया गया है कि वायरल वीडियो पुराना है। हालांकि, इंटरनेट मीडिया पर वीडियो के दोबारा सामने आने और ग्रामीणों द्वारा शिकायत किए जाने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की। अब जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि पटवारी पर लगाए गए अवैध वसूली के आरोपों में कितनी सच्चाई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर पटवारी के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।



