बड़वानी: ग्रामीण पलायन और शिक्षा संकट पर विधायक ने तत्काल सुधार की मांग की
शीतकालीन सत्र में विधायक राजन मण्डलोई ने दुर्गम पहाड़ी और आदिवासी क्षेत्रों के विकास की सख्त आवश्यकता पर जोर दिया।

बड़वानी विधानसभा शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान विधायक ने आदिवासी और पहाड़ी क्षेत्रों में बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी उजागर की। ग्रामीण पलायन और कृषि संकट से जीवन प्रभावित है।
बड़वानी। मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विधायक राजन मण्डलोई ने 2025-26 के अनुपूरक अनुमान बजट पर चर्चा के दौरान अपने आदिवासी क्षेत्र की गंभीर समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सीमा से सटे दुर्गम पहाड़ी इलाके में आज भी बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। मनरेगा ठप होने के कारण पलायन की बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है, लोग गुजरात और महाराष्ट्र की ओर जा रहे हैं।
विधायक मण्डलोई ने कई गांवों में स्कूल और आंगनवाड़ी भवन की अनुपस्थिति का मुद्दा उठाया। बच्चों को 5-7 किलोमीटर दूर स्कूल जाने के लिए पहाड़ उतरना पड़ता है। उन्होंने छात्रावास और आश्रम स्कूलों की संख्या बढ़ाने की सख्त आवश्यकता जताई।
विधायक ने बिजली के मुद्दे को भी गंभीरता से उठाया। मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद गांवों में दिन में केवल 5-6 घंटे बिजली मिल रही है। किसान रात में ठंड में 2-3 बजे खेतों में पानी देने को मजबूर हैं। ट्रांसफार्मर जले तो 8-10 दिन इंतजार करना पड़ता है।
स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव और सड़क न होने के कारण गर्भवती महिलाएं और मरीज रास्ते में दम तोड़ देते हैं। बिजली विभाग में ब्लैकआउट और वसूली की घटनाओं का उल्लेख करते हुए विधायक ने तत्काल सुधार की मांग की।



