विधायक राजन मण्डलोई ने विधानसभा में रखी सड़कें और पुलों का निर्माण की मांग
पहाड़ी और दूरस्थ इलाकों में आवागमन संकट दूर करने हेतु लंबित परियोजनाओं पर त्वरित कार्रवाई की मांग

बड़वानी विधानसभा क्षेत्र की लंबित सड़क और पुल निर्माण परियोजनाओं को लेकर सदन में जोरदार मुद्दा उठाया गया। आदिवासी क्षेत्रों में आवागमन, स्वास्थ्य, शिक्षा और आपातकालीन स्थितियों पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए अधूरी योजनाओं को तत्काल पूरा करने की मांग रखी गई।
मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में बड़वानी क्षेत्र की सड़क और पुल निर्माण संबंधी समस्याओं को लेकर जोरदार आवाज उठाई गई। विधानसभा में बड़वानी विधायक राजन मंडलोई, ने आदिवासी बहुल क्षेत्रों की वर्षों से लंबित परियोजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि इन सड़कों और पुलों के निर्माण से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि हजारों आदिवासी परिवारों के स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पहाड़ी इलाकों में आपातकालीन स्थितियों में देरी कई बार गंभीर परिणाम लेकर आती है।
सड़क निर्माण से संबंधित प्रमुख मांगें
विधायक ने बड़गांव कन्या शिक्षा परिसर, इंग्लिश मीडियम स्कूल तक पक्की सड़क की मांग को तत्काल आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि जंगल के बीच स्थित इस स्कूल तक सड़क न होने से बच्चियों और स्टाफ की सुरक्षा खतरे में पड़ती है और कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इसी तरह भंडारदा-झाड़ाखाऊ से सिदड़ी तक सड़क को मुख्य मार्ग से जोड़ने, गोठानिया-धमोड़ी से उपला, बालकुआ से भामी, मतरकुंड सड़क, पाटी विकासखंड में बेड़दा-घटबारा-चिलारिया मार्ग तथा मोरानी से खामघाट तक मात्र तीन किलोमीटर सड़क निर्माण जैसी मांगें भी सदन में रखी गईं।
क्षेत्रीय संपर्क और आवश्यक पुल निर्माण पर जोर
विधानसभा में शिवनी-भूरवानी, भूरवानी-रोसर, वन से बोरकुंड तक सड़क मार्गों के निर्माण की आवश्यकता भी उजागर की गई। इसके साथ ही बेनी नदी पर देरवलिया के समीप स्वीकृत पुल का निर्माण शुरू करने, कुम्भखेत के पास नाले पर पुल बनाने तथा बोकराटा-गारा के बीच चिचवानिया में टूटी पुलिया का पुनर्निर्माण करने की मांग सामने रखी गई। विधायक ने कहा कि ये निर्माण कार्य पूरे होने से आदिवासी अंचल के हजारों परिवारों के लिए स्थायी राहत सुनिश्चित होगी।



