भोपाल: मुख्य सचिव ने कानून व्यवस्था और हेलमेट अनुपालन पर कलेक्टर-एसपी से की कड़ी समीक्षा, थानों में FIR से जुड़े निर्देशों पर मुख्य सचिव का जोर, विभागवार प्रोग्रेस की हुई विस्तृत समीक्षा
प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ हुई वर्चुअल बैठक में कानून व्यवस्था, हेलमेट अभियान, धान खरीदी, राजस्व कार्यों और विभागों की प्रगति पर विस्तृत समीक्षा की गई।

प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक में कानून व्यवस्था, हेलमेट अनिवार्यता, धान व सोयाबीन खरीदी, खाद-बीज उपलब्धता और राजस्व मामलों के त्वरित निराकरण पर मुख्य बिंदु तय किए गए। बैठक में विभागवार प्रगति प्रस्तुत की गई और आगामी एक माह में पुनः रिव्यू करने के निर्देश दिए गए।
भोपाल। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने शनिवार को प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कानून व्यवस्था और विभागीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक अक्टूबर में आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के निर्णयों के अमल और विभागवार डेढ़ माह की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा के लिए आयोजित की गई। सभी विभाग प्रमुखों ने प्रजेंटेशन देकर प्राथमिकता वाले कार्यों की स्थिति प्रस्तुत की।
थानों में FIR संबंधित शिकायतें नहीं मिलनी चाहिए
मुख्य सचिव जैन ने स्पष्ट कहा कि थानों में पहुंचने वाले लोगों को FIR दर्ज कराने में परेशानी नहीं आनी चाहिए और ऐसी शिकायतें सामने नहीं आनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की जानकारी पुलिस अधीक्षक नियमित रूप से मीडिया तक पहुंचाएं ताकि जनसंपर्क मजबूत हो और पारदर्शिता बनी रहे।
जैन ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक प्रभावित दोपहिया वाहन चालक होते हैं। इसी कारण सभी जिलों में हेलमेट का उपयोग अनिवार्य करने और जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से दुर्घटनाओं और मृत्यु के मामलों में कमी लाई जा सकती है।
धान, सोयाबीन खरीदी और खाद-बीज उपलब्धता की समीक्षा
मुख्य सचिव जैन ने कहा कि खाद-बीज संबंधी समस्या जिलों में नहीं होनी चाहिए। धान और सोयाबीन की खरीदी के दौरान कलेक्टर सतर्कता से कार्य करें और भंडारण तथा परिवहन की योजना मजबूत रखें। उन्होंने केंद्रों से अधिकतम धान मिलर्स को दिए जाने पर जोर दिया।
कृषि से जुड़े कार्यों में सिकमी-बटाईदारों के सत्यापन के निर्देश भी दिए गए।
स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा विभाग की स्थिति
जैन ने स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग के हितग्राही मूलक कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की और कलेक्टरों को जिला स्वास्थ्य तथा पोषण समितियों की मासिक बैठक नियमित रूप से करने को कहा। जिला चिकित्सालय सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में रोगी कल्याण सुविधाओं का निरीक्षण कर सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रत्येक विद्यालय में कम से कम एक स्मार्ट क्लास बनाने की आवश्यकता बताई।
नगरीय प्रशासन, स्वच्छता और आवास योजनाओं की समीक्षा
मुख्य सचिव जैन ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी सहित स्वच्छता से जुड़े कार्यक्रमों के लिए भूमि आवंटन के कार्यों को त्वरित गति से निपटाने के निर्देश दिए।
उन्होंने वायु गुणवत्ता बेहतर करने, अवैध कॉलोनियों के प्रबंधन, पट्टा वितरण और स्व-निधि योजनाओं पर भी कलेक्टरों से जानकारी ली।
राजस्व कार्यों की गति बढ़ाने पर निर्देश
जैन ने राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों—नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा—का तेजी से निराकरण करने को कहा ताकि लोगों को कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाना पड़े।
उन्होंने नक्शों की दुरुस्ती के बाद प्रकरणों को पोर्टल पर दर्ज करने और नए-पुराने खसरों को लिंक कर डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया तेज करने की बात कही।
कलेक्टर-एसपी संयुक्त दौरे से बढ़ेगा जनविश्वास
कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव जैन ने कहा कि कलेक्टर और एसपी सहित सभी कार्यपालिक दंडाधिकारी संयुक्त रूप से क्षेत्रों का निरीक्षण करें। इससे आमजन में विश्वास बढ़ता है और अपराध नियंत्रण में प्रभावी परिणाम मिलते हैं।
महिला और अनुसूचित जाति-जनजाति के प्रति अपराधों को रोकने के लिए सुनियोजित मुहिम चलाने के निर्देश दिए गए।
सिंहस्थ के लिए फूलों की खेती और अन्य विकास कार्य
मुख्य सचिव ने बताया कि आगामी सिंहस्थ के लिए उज्जैन और आसपास के जिलों में 50 हजार हेक्टेयर में फूलों की खेती का कार्य प्रारंभ किया गया है। इसी तरह बंद मिलों से जुड़े सेटलमेंट, वेलनेस सिटी, पर्यटन उद्योग और फूड पार्क परियोजनाओं पर भी समीक्षा की गई।



