भोपाल में मुख्यमंत्री के हाथों नपा अध्यक्ष का स्मृति चिन्ह से सम्मान, नपाध्यक्ष ने सीएम को दिया भागवत कथा का निमंत्रण
भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद सेंधवा के विकास कार्यों को मिली सराहना, धार्मिक आयोजन को लेकर भी हुआ संवाद
सेंधवा। रमन बोरखड़े। नगर पालिका परिषद के विकास कार्यों को राज्य स्तर पर सराहा गया। राजधानी में आयोजित कार्यक्रम में परिषद को सम्मान प्राप्त हुआ। इसी दौरान नगर में आयोजित होने वाले धार्मिक आयोजन को लेकर संवाद भी हुआ। विकास उपलब्धियों और आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
नगर पालिका परिषद सेंधवा द्वारा विकास कार्यों में अव्वल आने पर भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के हाथों नपा अध्यक्ष बसंती बाई यादव को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान नपा उपाध्यक्ष मोहन जोशी, पूर्व नपा अध्यक्ष अरुण चौधरी, भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री को दिया श्रीमद् भागवत कथा का निमंत्रण
भोपाल प्रवास के दौरान सेंधवा नगर पालिका अध्यक्ष बसंतीबाई यादव ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर 1 जनवरी से सेंधवा में आयोजित होने वाली श्रीमद् भागवत कथा का निमंत्रण दिया। जिस पर मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि समय मिला तो जरूर आउंगा।मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मैं सभी धर्मप्रेमी जनता से निवेदन करता हु इतने सुंदर आयोजन में सभी लोग सम्मिलित होकर भागवत कथा का श्रवण कर कथा का लाभ लेवे । आयोजन के लिए मेरी शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं ।
इस दौरान नपा अध्यक्ष बसंती बाई यादव, उपाध्यक्ष मोहन जोशी व पूर्व नपा अध्यक्ष अरुण चौधरी ने 1 जनवरी से नगर में होने वाली सात दिवसीय संगीतमय भागवत कथा का निमंत्रण कार्ड मुख्यमंत्री डॉ यादव को देते हुए कथा में आने का न्योता भी दिया । उन्होंने बताया कि निंबार्कधाम सलेमाबाद के जगतगुरू निंबार्काचार्य श्रीजी महाराज श्री श्यामशरण देवाचार्य की वाणी से भागवत कथा का वाचन किया जाएगा । जिसमें प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु कथा का श्रवण करने कथा स्थल पर मौजूद रहेंगे । इसके लिए प्रतिकूल व्यवस्था भी की गई है ।
सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा की तैयारियां अंतिम चरण में
नगर में 1 जनवरी से 7 जनवरी तक समाजसेवी स्व. विष्णुप्रसाद यादव की स्मृति में निंबार्काचार्य श्रीजी महाराज श्यामशरण देवाचार्य सलेमाबाद के वाणी से सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा आयोजित की जा रही है। कथा को लेकर तैयारियां अंतिम चरणों में हैं। धार्मिक वातावरण के निर्माण और भव्य शुभारंभ के लिए 1 जनवरी को राजराजेश्वर मंदिर से कथा स्थल तक विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसकी तैयारियां जारी हैं।



