बड़वानी में राजसी ठाठ-बाठ से निकला 46वां श्रीरामकुल्लेश्वर शिवडोला, नासिक के ढोल-ताशों से गूंजा शहर
40 से अधिक सेवा स्टॉल, 8 से 10 स्थानों पर स्वास्थ्य सुविधा और 8 जगह ट्रैफिक डायवर्जन के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने किया नगर भ्रमण।

जनोदय पंच। श्रावण मास के अंतिम सोमवार को बड़वानी में भगवान श्रीरामकुल्लेश्वर महादेव का 46वां शिवडोला राजसी ठाठ-बाठ के साथ निकला। फूलों और रोशनी से सजे डोले में भगवान विराजित रहे। विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और श्रद्धालुओं की भीड़ से शहर भक्तिमय नजर आया।
राजसी ठाठ-बाठ से निकला शिवडोला
ध्रुव वाणी, बड़वानी। श्रावण मास के अंतिम सोमवार को बावनगजा रोड स्थित श्रीरामकुल्लेश्वर महादेव मंदिर से दोपहर 2 बजे 46वां भव्य शिवडोला निकला। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल हुए। फूलों और आकर्षक रोशनी से सजे शाही डोले में भगवान श्रीरामकुल्लेश्वर महादेव विराजित रहे। श्रद्धालुओं ने डोले को कंधों पर धारण कर नगर भ्रमण कराया। मार्ग में बनाए गए स्वागत द्वार, वंदनवार, पुष्पवर्षा और श्रद्धालुओं की भीड़ से धार्मिक माहौल और भव्य हो गया।

नासिक के ढोल-ताशे और दिल्ली की शिव अघोरी बारात आकर्षण का केंद्र
शिवडोले में देश के विभिन्न क्षेत्रों की धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। महाराष्ट्र के नासिक का प्रसिद्ध ढोल-ताशा पथक, दिल्ली की शिव अघोरी बारात, करौली धार का देशी ढोल और विभिन्न बैंड दलों ने प्रस्तुतियां दीं।गुजरात का आदिवासी लोकनृत्य कयाट, धनगर समाज के भजन, गुरुकृपा म्यूजिक ग्रुप, कृष्ण-सुदामा एवं राधाकृष्ण रास, वरद विनायक और भावेश डांस ग्रुप सहित विभिन्न झांकियां शिवडोले की शोभा बढ़ाती रहीं। बड़वानी की बजरंग व्यायामशाला के कलाकारों ने अखाड़ा प्रदर्शन किया।

140 जवानों ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था
आयोजन को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई। करीब 140 जवानों को सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के साथ ड्रोन से भी आयोजन और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर नजर रखी। यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए 8 स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन किया गया।

40 से अधिक सेवा स्टॉल और स्वास्थ्य सुविधा
शिवडोले में शामिल श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मार्ग में 40 से अधिक सेवा एवं जलपान स्टॉल लगाए गए। वहीं 8 से 10 स्थानों पर स्वास्थ्य एवं मेडिकल सुविधा की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं के लिए पारंपरिक आलू प्रसादी भी तैयार की गई। प्रसादी में करीब 2.5 क्विंटल आलू और 4.5 क्विंटल शकर का उपयोग किया गया। इसमें करीब 50 किलो खोपरा, 1 किलो जायफल और आधा किलो इलायची का उपयोग किया गया।

इन मार्गों से होकर गुजरा शिवडोला
श्रीरामकुल्लेश्वर महादेव मंदिर से शुरू हुआ शिवडोला रानीपुरा हनुमान मंदिर, योगमाया मंदिर, लक्ष्मी गेस्ट हाउस, झंडा चौक, रणजीत चौक, एमजी रोड, मोटीमाता चौक, बाबा रामदेव मंदिर, कालिका माता मंदिर, चंचल चौराहा, जैन मंदिर चौराहा और फिटवेल चौराहा-रानीपुरा होते हुए पुनः श्रीरामकुल्लेश्वर मंदिर परिसर पहुंचा।
46 वर्षों से निभाई जा रही परंपरा
श्रीरामकुल्लेश्वर महादेव शिवडोला उत्सव समिति के प्रतिनिधि जितेंद्र निकुम ने बताया कि बड़वानी में लगातार 46वें वर्ष भव्य शिवडोले की परंपरा निभाई जा रही है। उन्होंने कहा कि आयोजन धार्मिक आस्था के साथ विभिन्न क्षेत्रों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता का अवसर भी है।
विधायक राजन मंडलोई ने शिवडोले के अवसर पर क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीरामकुल्लेश्वर महादेव को बड़वानी के आराध्य देव और नगर की सुख-समृद्धि का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि शिवडोले में जन-जन की भागीदारी बड़वानी की धार्मिक आस्था और सामाजिक एकजुटता को दर्शाती है।



