इंदौर बना शराब खपत का सिरमौर, 2025 में 6.17 करोड़ लीटर की रिकॉर्ड बिक्री, इंदौर में टूटा शराब बिक्री का हर रिकॉर्ड, 3731 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार
आबकारी विभाग की 2025 रिपोर्ट में खपत, राजस्व और श्रेणीवार बिक्री के आंकड़े सामने आए

जनोदय पंच। इंदौर। वर्ष 2025 की आबकारी रिपोर्ट में इंदौर जिला शराब खपत के मामले में मध्य प्रदेश में शीर्ष पर रहा है। जिले में 6.17 करोड़ लीटर शराब की बिक्री दर्ज की गई है, जिसकी बाजार कीमत 3731 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
आबकारी रिपोर्ट में इंदौर शीर्ष पर
आबकारी विभाग की वर्ष 2025 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार इंदौर जिले ने शराब खपत के मामले में मध्य प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2025 के बीच जिले में कुल 6 करोड़ 17 लाख 22 हजार 561 लीटर शराब की बिक्री दर्ज की गई। इस बिक्री की कुल बाजार कीमत 3731 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
पिछले वर्ष की तुलना में मामूली बढ़ोतरी
रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2024 में इंदौर जिले में 6 करोड़ 14 लाख 67 हजार 738 लीटर शराब की खपत दर्ज हुई थी। वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 2 लाख 54 हजार 823 लीटर बढ़ गया। कुल वृद्धि दर 0.41 प्रतिशत रही। इस गणना में देसी मदिरा, विदेशी मदिरा और बियर तीनों श्रेणियों को शामिल किया गया है।
चार वर्षों में खपत में तेज उछाल
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में इंदौर में शराब की कुल बिक्री लगभग 3.55 लाख लीटर थी, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 6.17 करोड़ लीटर तक पहुंच गई। चार वर्षों की अवधि में शराब की खपत में करीब 73.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
देसी शराब की बिक्री में गिरावट
वर्ष 2025 में देसी शराब की बिक्री 1.48 करोड़ लीटर रही, जबकि वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 2.08 करोड़ लीटर था। इस तरह एक वर्ष में देसी शराब की बिक्री में लगभग 60 लाख लीटर की कमी आई है, जो करीब 29 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाती है।
बियर और विदेशी शराब की बढ़ी मांग
देसी शराब के विपरीत विदेशी शराब और बियर की मांग में वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में 1.39 करोड़ लीटर विदेशी शराब और 3.30 करोड़ लीटर बियर की खपत हुई। पिछले वर्ष की तुलना में विदेशी शराब की बिक्री में 8 प्रतिशत और बियर की बिक्री में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बियर की खपत में 52.25 लाख लीटर का इजाफा हुआ है।
जिले में शराब आपूर्ति की व्यवस्था
इंदौर जिले में वर्तमान में शराब की 173 अधिकृत दुकानें संचालित हो रही हैं। इसके अलावा 149 बार, होटल, रेस्टोरेंट और क्लब को मदिरा परोसने की अनुमति दी गई है। सैन्य और अर्धसैनिक बलों की कैंटीन को शामिल करते हुए जिले में कुल 325 चिन्हित केंद्रों से शराब की आपूर्ति हो रही है।

राजस्व और विभागीय कार्रवाई
सहायक आबकारी आयुक्त अभिषेक तिवारी के अनुसार वर्ष 2025 में शराब की खपत से सरकार को बड़ी मात्रा में राजस्व प्राप्त हुआ है। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच नौ महीनों में विभाग ने 1408 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। इसी अवधि में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ 9,989 प्रकरण दर्ज किए गए और 59,620 लीटर अवैध शराब जब्त की गई।



