सेंधवा कॉलेज में संविधान जागरूकता पर परिचर्चा का आयोजन

सेंधवा। वीर बलिदानी खाज्या नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संविधान दिवस के पूर्व संवैधानिक जागरूकता हेतु परिचर्चा का आयोजन किया गया। स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रभारी प्रो. दीपक मरमट ने बताया कि परिचर्चा का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार किया गया जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को संवैधानिक प्रावधानों से जागरूक करवाना और संविधान दिवस मनाने हेतु प्रेरित करना था। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हम विभिन्न प्रकार के दिवस और त्योहार मनाते हैं, जन्मदिवस इत्यादि अवसर पर धूमधाम से खुशियां मनाते हैं इसी प्रकार हमें संविधान दिवस भी मनाना चाहिए, इसके बारे में ज्यादा से ज्यादा पढ़- समझकर समाज में अपने मित्रों से अपने रिश्तेदारों से चर्चा करना चाहिए।संविधान में मिले अधिकारों के साथ संवैधानिक कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदार रहना चाहिए। प्रो. वीरेंद्र मुवेल ने विद्यार्थियों से संविधान की प्रस्तावना के अनुसार जीवन के आदर्श तय करने एवं आपस में बंधुता और भाईचारा बढ़ाने के लिए कहा। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रो. डॉ एम एल अवाया ने संविधान निर्माण के ऐतिहासिक तथ्यों की जानकारी विद्यार्थियों को दी उन्होंने कहा कि संविधान निर्माता डॉ अंबेडकर ने संविधान निर्माण मैं महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और समानता पर आधारित शोषणमुक्त समाज की परिकल्पना की। उन्होंने कहा कि संवैधानिक जागरूकता से हम बाबा साहब अंबेडकर के सपनों को पूरा कर सकते हैं।परिचर्चा में छात्राओं ने बढ़ चढ़कर सहभागिता की। छात्रा पूजा डुडवे ने कहा कि संविधान से सबसे ज्यादा फायदा महिलाओं को प्राप्त हुआ है, आवश्यकता इस बात की है की महिलाएं ज्यादा से ज्यादा संविधान का अध्ययन करें एवं विधि के क्षेत्र में अपना करियर बनाएं।इस अवसर पर छात्रा रोशनी वास्कले, रूपाली जाधव ने भी अपने विचार रखें। छात्र प्रिंस पवार ने आभार व्यक् किया। इस अवसर पर प्रोफेसर राजेश नावडे भी उपस्थित थे, कार्यक्रम में कई विद्यार्थियों ने भाग लिया।



