उज्जैन प्रांत बैठक में सेंधवा संगठन को नई जिम्मेदारियां, राजेश शर्मा बने जिलाध्यक्ष, गिरवर दयाल शर्मा प्रांत टोली सदस्य
विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल की प्रांत बैठक में वर्षभर के कार्यक्रमों की रूपरेखा और नए दायित्वों की घोषणा

जनोदय पंच। सेंधवा; उज्जैन में आयोजित विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल की प्रांत बैठक में वर्षभर के कार्यक्रमों की योजना बनाई गई। बैठक के दौरान सेंधवा संगठन के पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं, जिसमें राजेश शर्मा को जिलाध्यक्ष तथा गिरवर दयाल शर्मा को प्रांत टोली सदस्य मनोनीत किया गया।
प्रांत बैठक में वर्षभर की कार्ययोजना पर हुई चर्चा
उज्जैन में विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल की प्रांत बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्रीय संगठन मंत्री राजाराम, प्रांत संगठन मंत्री खगेंद्र भार्गव, प्रांत अध्यक्ष मुकेश जैन, प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. माला दीदी ठाकुर तथा प्रांत मंत्री विनोद शर्मा की उपस्थिति में वर्षभर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक में संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष स्वर्गीय अशोक सिंगल की जन्म शताब्दी वर्ष तथा संत श्री रविदास की 650वीं जन्म शताब्दी वर्ष सहित अन्य कार्यक्रमों को विशेष रूप से आयोजित किए जाने पर चर्चा हुई। साथ ही पूर्व में किए गए कार्यों की समीक्षा कर आगामी गतिविधियों की कार्ययोजना भी बनाई गई।
सेंधवा संगठन के पदाधिकारियों को मिले नए दायित्व
बैठक के दौरान सेंधवा जिले के संगठनात्मक दायित्वों की घोषणा की गई। राजेश शर्मा को सेंधवा जिलाध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया। इसके साथ ही दत्तात्रेय देवर को जिला उपाध्यक्ष, रविंद्र मराठा को जिला मंत्री तथा आनंद शर्मा को जिला संयोजक के रूप में नियोजित किया गया। संगठन की ओर से इन नियुक्तियों को आगामी कार्यों के संचालन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया गया।

गिरवर दयाल शर्मा बने प्रांत टोली सदस्य
सेंधवा जिले के पूर्व जिलाध्यक्ष गिरवर दयाल शर्मा को मठ-मंदिर अर्चक पुरोहित संपर्क विभाग की प्रांत टोली का सदस्य मनोनीत किया गया। उनकी नियुक्ति पर विभाग संगठन मंत्री वासुदेव पंड्या, जिला अध्यक्ष विष्णु गोयल, विभाग मंत्री मनोज वर्मा, विभाग सह मंत्री डॉ. ललितसिंह तंवर, विभाग संयोजक जितेंद्र राठौड़ सहित संगठन के जिला पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
संगठन ने आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों पर दिया जोर
बैठक में वर्षभर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के सफल संचालन के लिए संगठनात्मक समन्वय और कार्यविभाजन पर भी चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने आगामी गतिविधियों के लिए कार्ययोजना के अनुरूप दायित्वों के निर्वहन पर जोर दिया।



