सेंधवा में साहित्यिक काव्य गोष्ठी आयोजित, कवियों ने कविता, ग़ज़ल और गीतों से सजाई रचनात्मक संध्या
सेंधवा काव्यमंच के आयोजन में डॉ. कालूराम शर्मा का जन्मदिवस मनाया, मनोज मराठे का हुआ सम्मान

जनोदय पंच। सेंधवा पब्लिक स्कूल में सेंधवा काव्यमंच के तत्वावधान में साहित्यिक काव्य गोष्ठी आयोजित हुई। कार्यक्रम में कवियों एवं शायरों ने कविता, ग़ज़ल और गीत प्रस्तुत किए। आयोजन के दौरान डॉ. कालूराम शर्मा का जन्मदिवस मनाया गया तथा मनोज मराठे को बीईओ बनने पर बधाई दी गई।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ साहित्यिक आयोजन का शुभारंभ
सेंधवा काव्यमंच के तत्वावधान में निवाली रोड स्थित सेंधवा पब्लिक स्कूल में साहित्यिक काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। आयोजन के दौरान काव्यमंच के संरक्षक डॉ. कालूराम शर्मा का जन्मदिवस मनाया गया। इस अवसर पर प्रो. सी.जी. खले एवं मनोज मराठे ने श्रीफल भेंटकर उनका सम्मान किया। साथ ही काव्यमंच की ओर से मनोज मराठे को बीईओ बनने पर शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम की शुरुआत विशाल त्रिवेदी ‘अल्पज्ञ’ ने सरस्वती वंदना से की।
कविता, ग़ज़ल और शेरों की रही प्रभावी प्रस्तुति
गोष्ठी में शाकिर शेख ‘शाकिर’ ने अपने शेर से कार्यक्रम का वातावरण साहित्यिक बनाया। श्रीमती मंजुला शर्मा ने “एक पेड़ माँ के नाम” शीर्षक से पर्यावरण विषयक कविता प्रस्तुत की। डॉ. सन्नी सोनी ने जीवन और संवेदनाओं पर आधारित रचना सुनाई। निलेश मंगल ने सामाजिक विषय पर कविता प्रस्तुत की, जबकि श्रीमती अनिता चतुर्वेदी ने “नारी” शीर्षक से अपनी रचना का पाठ किया। वाजिद हुसैन ‘साहिल’ ने ग़ज़ल का तरन्नुम में पाठ कर श्रोताओं की सराहना प्राप्त की। सतीष सोनोने ने प्रेरणादायी कविता प्रस्तुत की और शुजाउद्दीन बैबाक ने ग़ज़ल सुनाई।
समसामयिक विषयों से लेकर श्रृंगार और दर्शन तक रहीं प्रस्तुतियां
कार्यक्रम में पवन शर्मा ‘हमदर्द’ ने विश्व के आर्थिक संकट और वर्तमान परिस्थितियों पर आधारित कविता प्रस्तुत की। हाफ़िज़ अहमद ‘हाफ़िज़’ ने अपनी ग़ज़ल सुनाई। विशाल त्रिवेदी ‘अल्पज्ञ’ ने श्रृंगार रस से ओतप्रोत काव्य प्रस्तुति दी। वरिष्ठ शायर कादिर हनफ़ी ने पारिवारिक संबंधों पर आधारित ग़ज़ल सुनाई। डॉ. कालूराम शर्मा ने शरद पूर्णिमा और गुरु पूर्णिमा के दार्शनिक दृष्टिकोण पर आधारित रचना प्रस्तुत की। प्रो. सी.जी. खले ने हिंदी भाषा में प्रयुक्त मुहावरों के सही उच्चारण पर संवाद किया। हरीशचंद्र चौहान ने फिल्मी गीत प्रस्तुत किए तथा दीपक भार्गव ने संगीत की बारीकियों पर विचार साझा किए।

संचालन और आभार के साथ हुआ समापन
काव्य गोष्ठी का संचालन वाजिद हुसैन ‘साहिल’ ने किया। कार्यक्रम के अंत में मनोज मराठे ने आभार व्यक्त किया। आयोजन में साहित्य, कविता, ग़ज़ल, गीत और भाषा पर केंद्रित प्रस्तुतियों के माध्यम से साहित्यिक अभिव्यक्ति को मंच प्रदान किया गया।


