सेंधवा में बेहोशी की हालत में मिली युवती, मानव सेवा समिति की मदद से परिजनों तक पहुंची
मिर्गी से पीड़ित युवती घर से निकली, मानव सेवा समिति ने परिजनों से मिलाया

जनोदय पंच। सेंधवा में सोमवार दोपहर बेहोशी की हालत में मिली युवती को उपचार के बाद होश आया। युवती ने अपना नाम काजल और गांव नादेड बताया। मानव सेवा समिति के प्रयासों से उसके परिजनों से संपर्क हुआ और शाम को उसे परिजनों को सौंप दिया गया।
सेंधवा। सोमवार दोपहर करीब 1 बजे टैगोर बेड़ी निवासी विमला महाजन को एक युवती बेहोशी की हालत में मिली। युवती के मुंह से झाग निकल रहा था। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। युवती को खाना भी खिलाया गया। साथ ही शहर थाना और मानव सेवा समिति के संचालक निलेश जैन को घटना की जानकारी दी गई।
होश आने पर बताई पहचान
उपचार के बाद युवती को होश आया। उसने अपना नाम काजल, पिता का नाम सुनील और गांव नादेड, तहसील शिरपुर के पास का गांव बताया। उसने बताया कि उसके माता-पिता अर्था गांव में काम करते हैं। इसके बाद मानव सेवा समिति के संचालक निलेश जैन ने अपने ग्रुप के माध्यम से शिरपुर और आसपास के गांवों में युवती से संबंधित संदेश प्रसारित किया।
परिचित के माध्यम से परिजनों से हुआ संपर्क
समिति के संदेश को देखकर समिति के महेंद्र परिहार ने अर्था गांव में रहने वाले अपने परिचित से संपर्क किया। परिचित ने तत्काल युवती के परिजनों की बात निलेश जैन से करवाई। इसके बाद परिजनों ने जल्द सेंधवा आने की बात कही। इस प्रयास के बाद युवती के परिवार तक सूचना पहुंच सकी।
शाम करीब 4 बजे युवती के पिता सुनील हरदास पारवा, नादेड, तहसील शिरपुर और उसके मालिक संतोष कालरा सेंधवा पहुंचे। शहर थाना के संतोष पाटीदार, रेवाराम अचाले और श्याम मिश्रा की उपस्थिति में युवती को उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया।

परिजनों ने बताई घर से जाने की बात
युवती के परिजनों ने बताया कि वह सोमवार से एक दिन पहले सुबह घर से बिना बताए चली गई थी। परिजनों के अनुसार, युवती को मिर्गी की बीमारी है। युवती के परिजनों ने उसे सकुशल वापस मिलने पर मानव सेवा समिति सेंधवा का आभार माना।



