पानसेमल; विचार हमेशा जवान रखें, लेकिन शारीरिक मानसिक क्षमता अनुसार ही कार्य करें।

पानसेमल; वरिष्ठ नागरिकों को विशेष रूप से दो बातों पर ध्यान देना चाहिए। गिरने से बचाव,दूसरा चोकीग से बचाव।60 वर्ष आयु के बाद व्यक्ति को स्वयं को कुछ विशेष सावधानियों के लिए प्रशिक्षित करना चाहिए। उक्त बातें योग गुरु कृष्ण कांत सोनी ने बुर्जुगों से निशुल्क योग थेरेपी सिखाते हुए कही। योग गुरु ने आगे बताया कि जैसे जैसे उम्र बढ़ती है पानी हमेशा धीरे धीरे, ध्यान पूर्वक, और सावधानी से पीना चाहिए।पानी निगलते समय सिर थोड़ा झुकाकर रखें,पतला सूप तेजी से बहता अत गाढ़ा सूप पीये,जब तक मुंह में ठोस भोजन हो या चबाना चल रहा है।तब तक पानी या कोई तरल पदार्थ ना ले, श्वास नली में जा सकता है। मुंह में भोजन,पानी होने पर बात ना करेंऔर न ही सिर घुमाए। बुर्जुगों की गले और निगलनें वाली मांस पेशियां उम्र के साथ कमजोर हो जाती है। और रक्त चाप अचानक बढ़ सकता है। हमेशा उबले पानी का ही सेवन करें। और हमेशा तनाव से बचें और संतुलित आहार ले तो शुगर नियंत्रित रहेगी। विचार हमेशा जवान रखें लेकिन शारीरिक क्षमता अनुसार ही कार्य करे। तभी आकस्मिक दुर्घटनाओं से बच सकते हैं। परात,थाली, अथवा तगारी आदि में कुछ गोल कंचे, कुछ गोल पत्थर छोटे रख कर दोनों पैरों से पैर उपर नीचे करे। किसी भी समय यह क्रिया कर सकते हैं। तो पिंडली पर प्रेशर बढ़ेगा, शरीर की नस नाड़ियां खुलेगी,खून का प्रवाह तेज होगा तो पिंडली, पैरों,कंधे, आदि का दर्द दूर होता है। रीढ़ की हड्डी में खून प्रभावी रूप से दौडेगा।पांच मिनट में जबरदस्त फायदा होता है।

भोजन के एक घंटे पहले पानी से अमृत, भोजन के साथ साथ पानी से आंनद मिलता है, और भोजन के तुरंत पानी पीने से ज़हर बन जाता है और भोजन के घंटे बाद पानी से बल मिलता है। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिक मोतीराम सावले,भीमा दादा जलगोन वाले, डाक्टर विनोद जमादार सोलंकी, अनिल महाराज,बापू भाई सोनी,नगर परिषद पार्षद राज कुमार सोलंकी आदि मौजूद थे। फोटो वरिष्ठ नागरिक मोतीराम सावले योग थेरेपी करते हुए।

