इंदौर में फर्जी IAS ने AI से बनाया आधार, मकान मालिक पर भी केस; जांच में गुजरात कनेक्शन आया सामने
नौकरी का झांसा देकर ठगी की साजिश रचने का आरोप, फर्जी दस्तावेज मिलने पर धाराएं बढ़ीं, आरोपी को रिमांड पर लेने की तैयारी

जनोदय पंच। इंदौर में खुद को आईएएस अधिकारी बताकर नौकरी दिलाने का झांसा देने वाले आरोपी के मामले में पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई है। जांच में एआई ऐप से फर्जी आधार तैयार करने की जानकारी सामने आई। मकान मालिक पर भी कार्रवाई हुई और आरोपी के गुजरात रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
एआई ऐप से तैयार किया फर्जी आधार कार्ड
इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र स्थित ओमेक्स सिटी-1 के शुभ आंगन प्रीमियम में रहने वाले हिमांशु पांचाल उर्फ राज सोनी ने एआई ऐप के जरिए फर्जी आधार कार्ड तैयार किया था। पुलिस के मुताबिक, इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर वह अपनी पहचान बनाकर लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा दे रहा था।
फर्जी दस्तावेज मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 467 समेत बीएनएस की अन्य धाराएं बढ़ाई हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है।
मकान मालिक राजेश कुमार पर भी प्रकरण दर्ज
पुलिस जांच में सामने आया कि जिस मकान में आरोपी रह रहा था, उसके मकान मालिक ने किरायेदार की सूचना थाने में नहीं दी थी। इस लापरवाही पर मकान मालिक राजेश कुमार के खिलाफ बीएनएस की धारा 223ए के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
गुजरात में भी आपराधिक रिकॉर्ड मिला
जांच के दौरान आरोपी हिमांशु पांचाल उर्फ राज सोनी का गुजरात में भी आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है। पुलिस ने उसके पुराने प्रकरणों को भी वर्तमान मामले की जांच में शामिल किया है। आरोपी पिछले एक महीने से अपनी 62 वर्षीय मां के साथ इंदौर में रह रहा था।
होटल रिकॉर्ड और संपर्क में आए लोगों की जांच
पुलिस आरोपी के संपर्क में आए लोगों, होटल रिकॉर्ड और उसकी गतिविधियों की जांच कर रही है। पूछताछ में ड्राइवर ने बताया कि उसे प्रतिदिन दो से ढाई हजार रुपये दिए जाते थे।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी फर्जी नेमप्लेट लगी गाड़ी से घूमता था। उसने शेरेटॉन होटल में डिनर पार्टी आयोजित कर लोगों को नौकरी का लालच देकर बड़ी ठगी की साजिश रची थी, जिसे पुलिस ने समय रहते विफल कर दिया।



